पवना नदी प्रदूषण संकट: पिंपरी-चिंचवड़ की 146 सोसायटियों के STP बंद, कनेक्शन काटने की चेतावनी
Pavana River Waste Management News: पवना नदी में बिना शुद्धिकरण के गंदा पानी छोड़ने पर PCMC सख्त। 146 सोसायटियों को नोटिस जारी, 15 दिनों में STP शुरू न होने पर काटा जाएगा पानी का कनेक्शन।
- Written By: रूपम सिंह
पवना नदी शुद्धिकरण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Maharashtra River Conservation News: पिंपरी पवना नदी के जल की गुणवत्ता में आई भारी गिरावट ने पिंपरी-चिंचवड़ के नागरिकों के स्वास्थ्य पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। रावेत, मामुर्डी और किवले जैसे प्रमुख क्षेत्रों की लगभग 35 बड़ी हाउसिंग सोसायटियों का गंदा पानी बिना किसी शुद्धिकरण के सीधे नालों के जरिए नदी में छोड़ा जा रहा है। इन सोसायटियों में लगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद होने के कारण यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई है।
पवना नदी पूरे शहर की जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है, इसलिए उपचारित किए बिना गंदा पानी नदी में मिलना सीधे तौर पर लाखों शहरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। कचरे और सीवेज से निबटान की चुनौती : रावेत के प्रभाग क्रमांक 16 में मनपा का 20 एमएलडी क्षमता का सरकारी एसटीपी प्लांट सक्रिय रूप से काम कर रहा है, लेकिन आसपास की निजी सोसायटियों से निकलने वाले अनियंत्रित कचरे और सीवेज ने इस व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
चिंता का विषय यह भी है कि सामान्यतः केवल बारिश में बहने वाले नाले अब घरेलू सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट के कारण साल भर बह रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि नदी प्रदूषण रोकने के लिए तत्काल जांच अभियान चलाया जाए, बंद पड़े प्लांटों को शुरू कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि नदी की जैव विविधता और जनस्वास्थ्य की रक्षा हो सके।
सम्बंधित ख़बरें
पिंपरी-चिंचवड़ में आर्थिक तंगी से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, सुसाइड नोट से हुआ बड़ा खुलासा
Japan Earthquake: कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का भूकंप, 38 की मौत और 80 हजार घरों में जल संकट
Akola News: अकोला में संभावित जल संकट से निपटने की तैयारी, 1.55 करोड़ की जल योजना को मंजूरी
पुणे में रोज 52 करोड़ लीटर पानी हो रहा बर्बाद: रिसाव से बढ़ा जल संकट, पर्यावरण रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
यह भी पढ़ें:- पुणे में अवैध होर्डिंग्स पर बड़ी कार्रवाई: PMC ने 2,600 से अधिक फ्लेक्स हटाए, सुरक्षा और सौंदर्य पर दिया जोर
146 सोसायटियों को नोटिस
प्रशासनिक स्तर पर अब इस मामले में सख्ती बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने नालों की सफाई के लिए जेसीबी तैनात की है, वहीं पर्यावरण विभाग ने बताया है कि पूरे पिंपरी शहर में ऐसी कुल 146 सोसायटियां हैं, जिनके एसटीपी प्लांट बंद पड़े हैं। शहर अभियंता संजय कुलकर्णी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि संबंधित सोसायटियों को नोटिस जारी कर दिए गए है।
- नदी से लगातार दुर्गंध आ रही है और पानी का रंग भी पूरी तरह बदल चुका है। यही पानी हमारे घरों में आपूर्ति किया जाता है। जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। (रोहित पाटिल, निवासी, रावेत)
- गंदे पानी की इस समस्या से बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्रशासन को जिम्मेदार लोगों और सोसायटियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। (राकेश कुंभार, निवासी, किवले)
- शहर में 146 सोसायटियों के एसटीपी बंद मिले है। हमने उन्हें नोटिस भेज दिया है। 15 दिनों में सुधार नहीं होने पर संबंधित सोसायटियों का पानी कनेक्शन काट दिया जाएगा। (संजय कुलकर्णी, शहर अभियंता) (पर्यावरण विभाग)
