पुणे में 55 लाख आबादी की पेयजल जरूरतों की तैयारी, 1015 करोड़ की पवना जलवाहिनी परियोजना को मिलेगी रफ्तार
Pimpri Chinchwad Water Project: पिंपरी-चिंचवड़ की भविष्य की पानी की जरूरत के लिए पवना जलवाहिनी परियोजना को 2 साल में पूरा किया जाएगा मंत्री माधुरी मिसाल और विखे पाटिल ने विधानसभा में यह भरोसा दिलाया।
- Written By: रूपम सिंह
जलवाहिनी प्रोजेक्ट बैठक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल(फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Pune-Pimpri Chinchwad Pawna Water Pipeline Project: तेजी से बढ़ती आबादी वाले पिंपरी-चिंचवड़ शहर की भविष्य की पेयजल आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने पवना जलवाहिनी प्रकल्प को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल और जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भरोसा दिलाया कि शहर को भविष्य में पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और इसके लिए समयबद्ध योजना के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सदस्य महेश लांडगे द्वारा उपस्थित किये गये चर्चा सूचना पर जवाब देते हुए नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि, वर्ष 2029-30 तक पिंपरी-चिंचवड़ की आबादी लगभग 55 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। उस समय शहर को करीब 2949 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पवना जलवाहिनी प्रकल्प को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने
बताया कि, परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 1015 करोड़ रुपये हो गई है। राज्य सरकार परियोजना के लिए आवश्यक अनुदान उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। साथ ही, परियोजना का विरोध कर रहे विस्थापितों और स्थानीय संगठनों की मांगों का समाधान करते हुए काम आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट आईआईटी मुंबई ने तैयार की है, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
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मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने दिलाया भरोसा
जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ के लिए आंध्रा, भामा आसखेड़ और पवना बांधों से कुल 10 टीएमसी पानी स्वीकृत है। वर्तमान में शहर लगभग 8 टीएमसी पानी का उपयोग कर रहा है, जबकि 2 टीएमसी पानी अभी भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पवना बांध से बंद पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति शुरू होने पर 30 से 40 प्रतिशत तक होने वाली पानी की बर्बादी रोकी जा सकेगी और करीब 2 टीएमसी अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि मुलशी बांध से 10 टीएमसी पानी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बाताया की पिपरी-चिंचवड़ की की भविष्य की पेयजल परियोजना को आवश्यक अनुदान के साथ दो वर्षों में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों और विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करते हुए परियोजना आगे बढ़ाई जाएगी।
जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील ने बाताया की भविष्य में पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी, अतिरिक्त जल उपलब्ध कराने, पाइपलाइन से होने वाली जल हानि रोकने और दीर्घकालिक जल प्रबंधन पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
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पवना जलवाहिनी परियोजना
- परियोजना दो वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य।
- अनुमानित लागत 1015 करोड़ रुपये।
- आईआईटी मुंबई ने तैयार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट।
- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में रिपोर्ट पर निर्णय।
- विस्थापितों और स्थानीय संगठनों से संवाद के बाद कार्य आगे बढ़ेगा।
2949 एमएलडी की आवश्यकता
- वर्ष 2029-30 तक अनुमानित आबादी 55 लाख।
- संभावित पेयजल आवश्यकत्ता 2949 एमएलडी।
- तीन बांधों से 10 टीएमसी पानी स्वीकृत।
- वर्तमान उपयोग लगभग 8 टीएमसी।
- बंद पाइप लाइन व्यवस्था से 30 से 40 प्रतिशत जल हानि रुकेगी और लगभग 2 टीएमसी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
