पिंपरी चिंचवड़ पासपोर्ट वेरिफिकेशन एप्लीकेशन (सौ. सोशल मीडिया )
Pimpri Chinchwad Passport Verification Record: आधुनिकता और औद्योगिक विकास के केंद्र पिंपरी-चिंचवड़ शहर के नागरिकों में विदेश जाने की होड़ मची है। चाहे वह उच्च शिक्षा का सपना हो, बेहतर नौकरी की तलाश, व्यापार का विस्तार या फिर पर्यटन का आनंद।
पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के प्रति रुझान में जबरदस्त उछाल आया है। इस बदलाव का सीधा असर पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के पासपोर्ट सत्यापन विभाग के कामकाज पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पुलिस आयुक्तालय को रिकॉर्ड 1 लाख 1 हजार 556 पासपोर्ट सत्यापन आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और वीजा प्रक्रियाओं पर लगी पाबंदियों के कारण करीब दो-तीन वर्षों तक विदेश यात्राएं लगभग ठप रही थीं। जैसे ही स्थितियां सामान्य हुई, रुकी हुई मांग अचानक बढ़ गई। विशेष रूप से विद्यार्थियों का रुझान विदेशी विश्वविद्यालयों की ओर काफी बढ़ा है।
पासपोर्ट सत्यापन के दौरान इस बात की गहराई से जांच की जाती है कि आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं, यदि कोई रिकॉर्ड मिलता है, तो उसकी विस्तृत जानकारी पासपोर्ट कार्यालय को दी जाती है। हमारा मुख्य उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और इसे कम से कम समय में पूरा करना है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
– नितिन लांडगे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सत्यापन विभाग, पिचि पुलिस आयुक्तालय
आईटी सेक्टर और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े पेशेवर भी बड़े पैमाने पर रोजगार और व्यापारिक दौरों के लिए विदेश जा रहे हैं। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र में भी ‘रिवेंज ट्रेवल’ (पाबंदियों के बाद की यात्रा) की प्रवृत्ति ने पासपोर्ट आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
पासपोर्ट जारी होने से पहले ‘पुलिस वेरिफिकेशन’ सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण होता है। जब कोई नागरिक ऑनलाइन आवेदन करता है, तो क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय उस फाइल को संबंधित स्थानीय पुलिस को भेजता है।
पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले हर पुलिस थाने में इसके लिए एक समर्पित विभाग कार्यरत है। इस प्रक्रिया के दौरान पुलिस कर्मचारी आवेदक के पते पर जाकर दस्तावेजों की भौतिक जांच करते हैं।
इसमें आवेदक की नागरिकता, स्थायी निवास और सबसे महत्वपूर्ण ‘क्रिमिनल रिकॉर्ड’ (आपराधिक इतिहास) की बारीकी से पड़ताल की जाती है। स्थानीय थाने से रिपोर्ट तैयार होकर आयुक्तालय के मुख्य सत्यापन विभाग में पहुंचती है, जहाँ अंतिम जांच के बाद रिपोर्ट पासपोर्ट कार्यालय को ऑनलाइन भेज दी जाती है।
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पिंपरी चिंचवड़ से नवभारत लाइव के लिए अमोल येलमार की रिपोर्ट