पिंपरी-चिंचवड की सड़कों पर गड्ढों का साम्राज्य! 3,615 गड्ढे मिले, 392 अभी बाकी

पुणे के पिंपरी चिंचवड शहर के रोड की दोबारा जांच शुरु हो गई है। हालांकि पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका के द्वारा दावा किया जा रहा है कि शहर में अब बस 392 गड्ढे ही बाकी रह गए हैं।
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पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (सौ. सोशल मीडिया )
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Pimpri Chinchwad News: पिंपरी-चिंचवड शहर की सड़कों की दोबारा जांच की गई है और शहर के विभिन्न इलाकों की सड़कों पर बड़ी संख्या में गड्ढे मिले हैं। लेकिन महानगरपालिका का दावा है कि शहर में केवल 392 गड्ढे ही बचे हैं। पिछले कुछ दिनों से बारिश थमी हुई है इसके बावजूद शहर की कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।

शहर में 12 फीट से लेकर ४० फीट चौड़ी सड़कों पर जाल है। बुल 2,072 किलोमीटर दूरी की पक्की और कच्ची सड़कें हैं। इनमें डांबरी और सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें शामिल हैं। मई से अब तक कुल 3,615 गड्ढे जांच में सामने आए हैं। इनमें से महापालिका ने डांबर और कोल्या मिक्स से 1,440, बीबीएम से 247, खाड़ी से 961, पेवर ब्लॉक से 272 और सीमेंट कंक्रीट से 432 एड्डी को भना है। यानी कुल 3,381 गड्ढे पूरी तरह भर दिए हैं जिसका अनुपात 80।21 प्रतिशत है।

यातायात हो रहा प्रभावित महापालिका प्रशासन का कहना है कि अब केवल 392 गड्ढे भरने बाकी हैं, लेकिन हकीकत गड्ढे नजर आ रहे हैं। गड्डों से भरी सड़कों पर वाहन बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहे - हैं। गणेशोत्सव से पहले सभी गड्ढे भरने का महापालिका का दावा खोरखाला साबित हो रहा है। इसी बीच गड्डों से निकली खड़ी के कारण टू कॉलर के फिसलने से दुर्घटनाएं हो रही हैं। गड्डों से बचने के लिए वाहन चालकों को मशक्कत करनी पड़ रही है। इसका असर यह है कि ट्रैफिक बेहद धीमा हो गई है और जाम की स्थिति बनी हुई है।

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150 किसानों की जमीन का किया जाएगा अधिग्रहण

राज्य मार्ग प्राधिकरण की ओर से नेशनल हाईवे (NH-60) पर इसलिवेटेड रोड का काम किया जा रहा है, इस मार्ग के रैप के लिए सात गांधी के करीब 150 किसानों की जमीन ती व्यपगी, यह जमीन परी की सीमा में होने के कारण खेड तालुका के जान गांवों में कैगमआरडीए की और से अधिक्षण किया जा रहा है। विली। नाणेकरवाडी, मेदनकरवाडी, वकी खुर्द, गौरी कुसली, वाकी बुद्रुक और चाकण इन सान नांवों में कुल 9,7457 हेवदेवर भूमि तीनी, मदनकराड़ी और वाची दुई-इन 4 गाथों में भूमि अधिग्रहण की साप के लिए 2 लाख 67 हजार रुपये शुल्क जमा किया गया है। वह लेग वाली इस एलिवेटेड सड़क से भोसरी और मोशी की ट्रैफिक जाम की समस्या भी सुलझेगी। इसके लिए भोसरी और मोशी में भी इस मार्ग के लिए बनाए जांगे फिलहाल वकी बुक और वाकण गांव की मांग पूरी हो चुकी है जबकि शेष पांच गांवों की भाय बत्ती है।

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