

Township Status Devendra Fadnavis: राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल चाकण एमआईडीसी को अब 'इंडस्ट्रियल टाउनशिप' यानी औद्योगिक नगरी का दर्जा मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चाकण औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए एकीकृत व्यवस्था विकसित करने के संकेत दिए हैं।
यदि यह संकल्पना लागू होती है, तो सड़क, यातायात, जलापूर्ति, सीवेज, कचरा प्रबंधन, अग्निशमन, सुरक्षा और कामगारों की नागरिक सुविधाओं का नियोजन एक ही व्यवस्था के तहत किया जा सकेगा।
इससे वर्षों से विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच उलझी चाकण एमआईडीसी की समस्याओं के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। चाकण एमआईडीसी में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की करीब 2,500 कंपनियां कार्यरत हैं। पांच चरणों में फैले इस औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार करीब 7,250 एकड़ में है।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में कामगारों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही होती है। उद्योगों के विस्तार की तुलना में बुनियादी सुविधाओं का विकास पीछे रहने से यातायात जाम, खराब सड़कें, अपर्याप्त जलापूर्ति, सीवेज और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं गंभीर बनी हुई हैं।
बुनियादी सुविधाओं और यातायात की समस्याओं से परेशान करीब 20 से ज्यादा कंपनियों ने चाकण से बाहर निकलने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री की ओर से सुविधाओं में सुधार का आश्वासन मिलने के बाद कंपनियों ने अपना फैसला बदल दिया। इसके बाद जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने 15 दिनों में एमआईडीसी क्षेत्र के गड्ढे भरने और यातायात समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था। इसके अनुसार काम शुरू हो गया है।
उद्यमियों का मानना है कि अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान के लिए औद्योगिक नगरी की आवश्यकता है। चाकण एमआईडीसी के विकास के लिए 20 से 22 ग्राम पंचायतों, एक नगर परिषद, पीएमआरडीए, सार्वजनिक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसी कई एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी और स्थानीय निकायों के पास पर्याप्त निधि व मनुष्यबल नहीं होने से समस्याओं के समाधान में देरी होती है।
औद्योगिक नगरी की संकल्पना लागू होने पर सड़क, जलापूर्ति, सीवेज, कचरा प्रबंधन, अग्निशमन, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं के साथ कामगारों के लिए आवास, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं का भी एकीकृत नियोजन किया जा सकेगा।
इससे उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और चाकण के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दिलीप बटवाल, मुख्य अधिकारी, फेडरेशन ऑफ चाकण इंडस्ट्रीज ने कहा कि चाकण औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार जिस तेजी से हुआ है, उसके मुकाबले मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था कम पड़ रही है। कई एजेंसियों पर निर्भरता के कारण समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता। औद्योगिक क्षेत्र के बढ़ते बोझ को देखते हुए सक्षम और एकीकृत व्यवस्था जरूरी है।
वहीं, जयदेव अक्कलकोट, औद्योगिक संगठन अध्यक्ष, चाकण एमआईडीसी ने कहा कि चाकण एमआईडीसी में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनना ही चाहिए। संगठन ने देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री के सामने इसकी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि इसके समन्वय में महानगरपालिका की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में संकेत दिए हैं, इसलिए अब जल्द निर्णय लेकर तत्काल अमल किया जाना चाहिए।