PCMC अस्पतालों में लाखों का बिलिंग घोटाला, कर्मचारियों ने की रसीद में हेराफेरी
Pimpri Chinchwad के मनपा अस्पतालों में बिलिंग घोटाले का खुलासा हुआ है, जहां कर्मचारियों ने रसीदों में हेराफेरी कर लाखों रुपये का गबन किया। प्रशासन ने जांच शुरू कर दोषियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
भोसरी अस्पताल (सौ. सोशल मीडिया )
PCMC Hospital Billing Scam: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा (पीसीएमसी) के अस्पतालों में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीजों के बिलों में हेराफेरी कर लाखों रुपये का गबन किया है। यह धोखाधड़ी मुख्य रूप से आकुर्डी स्थित प्रभाकर मल्हारराव कुटे स्मृति अस्पताल और भोसरी के नए अस्पताल में उजागर हुई है।
भ्रष्टाचार का तरीका बेहद शातिराना था। कर्मचारी मरीज को दी जाने वाली असली रसीद पर तो पूरी राशि दर्ज करते थे, लेकिन रिकॉर्ड में रखी जाने वाली कार्बन कॉपी पर कम रकम दिखाते थे। मरीज से 100 रुपये लिए गए, तो कार्बन कॉपी पर केवल 25 रुपये दिखाए जाते थे और शेष 75 रुपये कर्मचारी आपस में बांट लेते थे।
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मामले की जांच और कार्रवाई
प्राथमिक जांच के अनुसार, आकुर्डी अस्पताल में ही लगभग 9.25 लाख रुपये की धांधली पकड़ी गई है। भोसरी अस्पताल में भी इसी तरह के लाखों के घोटाले की पुष्टि हुई है। इस मामले में आकुर्डी अस्पताल के एक स्थायी और तीन अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ लक्ष्मण गोफणे ने पुष्टि की है कि सभी अस्पतालों की जांच रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिलिंग सिस्टम पर उठ रहे सवाल
पिंपरी चिंचवड़ महानगर पालिका ने 1 अप्रैल 2025 से पेपरलेस कामकाज का लक्ष्य रखा था, इसके बावजूद अस्पतालों में अब तक पूर्णतः ऑनलाइन बिलिंग प्रणाली लागू न होना इस भ्रष्टाचार का मुख्य कारण बना। इससे पहले यशवंतराव चव्हाण और जिजामाता अस्पताल में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे मनपा की चिकित्सा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब प्रशासन जल्द ही सभी केंद्रों पर डिजिटल भुगतान अनिवार्य करने की योजना बना रहा है।
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आकुर्डी और भोसरी अस्पतालों में बिलों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी जाएगी। जल्द ही सभी अस्पतालों में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
– डॉ लक्ष्मण गोफणे, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी, मनपा
