पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में फर्जी भर्ती घोटाला, युवाओं को बांटे जा रहे नकली नियुक्ति पत्र
PCMC में भर्ती प्रक्रिया बंद होने के बावजूद जालसाज फर्जी नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं। प्रशासन ने युवाओं को सतर्क रहने और किसी भी आर्थिक लेन-देन से बचने की अपील की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (सौ. सोशल मीडिया )
Pimpri Chinchwad Municipal Corporation Fake Recruitment Letter: पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका में वर्तमान में कोई भी आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया संचालित नहीं होने के बावजूद, जालसाजों द्वारा बेरोजगार युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी से शहर के शिक्षित युवाओं में हड़कंप मच गया है।
संगठित गिरोह का काम
जालसाजों ने मनपा के फर्जी लेटरहेड, मुहरों और अधिकारियों के जाली हस्ताक्षरों का उपयोग कर बेहद पेशेवर दिखने वाले नियुक्ति पत्र तैयार किए हैं। इन पत्रों में यह झूठा दावा किया गया है कि उम्मीदवारों का चयन मनपा की स्थायी सेवा के लिए कर लिया गया है।
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा प्रशासन ने आशंका जताई है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम है, जो सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं की मजबूरी का अनुचित लाभ उठा रहा है। धोखाधड़ी के इस खेल में युवाओं को झांसे में लेने के लिए फर्जी दस्तावेजों में जॉइनिंग की तारीख के साथ-साथ विभिन्न भत्तों का भी विस्तृत विवरण दिया गया है। नियुक्ति पत्रों में आकर्षक वेतनमान का उल्लेख किया है। इन पत्रों में 16,000 रुपये मूल वेतन के साथ 16,000 रुपये महंगाई भत्ता देने का वादा किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
मोशी कचरा डिपो हादसा: PCMC कमिश्नर का बड़ा एक्शन, मुख्य अभियंता समेत 2 बड़े अधिकारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
ओमान जहाज हमले में पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत, रोते हुए ससुर बोले- बस बेटे का शव लौटा दो सरकार
100 साल में तीसरा सबसे सूखा जून: 75% जिलों में कम बारिश, महाराष्ट्र में खरीफ फसलें प्रभावित; पुणे में जल संकट
PMRDA का सबसे बड़ा बुलडोजर एक्शन: मोई गांव में 680 अवैध टीन शेड ध्वस्त, भू-माफियाओं में हड़कंप
सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों से भ्रम का माहौल
मनपा के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर इन फर्जी भर्तियों की खबरें प्रसारित की जा रही थीं। जालसाज अक्सर सीधे संपर्क करने के बजाय डिजिटल माध्यमों का सहारा लेते हैं ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
प्रशासन ने नागरिकों को आगाह करते हुए कहा है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति या अनधिकृत वेबसाइट द्वारा दी गई नौकरी की जानकारी पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। इस प्रकरण की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और प्रशासन ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भर्ती प्रक्रिया बंद होने के बावजूद युवाओं से ठगी
साथ ही, तीन महीने की परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) की शर्त भी जोड़ी गई है। नियुक्ति पत्र में यह निर्देश भी दिया गया है कि कार्यभार संभालते समय उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक दस्तावेज, पहचान पत्र और चिकित्सा प्रमाणपत्र जमा करने होंगे, ताकि यह प्रक्रिया पूरी तरह वास्तविक लगे।
ये भी पढ़ें :- खडकवासला बांध श्रृंखला में बढ़ा जल भंडार, पुणे में फिलहाल टला जलसंकट
बहकावे में न आने की अपील
सार्वजनिक सूचना जारी कर दी गई है। नागरिक किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन या मध्यस्थों के बहकावे में न आएं। मनपा की सभी भर्ती सूचनाएं आधिकारिक वेबसाइट और प्रमुख समाचार पत्रों में ही प्रकाशित की जाती है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता पर आधारित होती है, जिसमें नकद व्यवहार का कोई स्थान नहीं है। संदेहास्पद नियुक्ति पत्र मिलने पर उम्मीदवार तत्काल मनपा कार्यालय से संपर्क करे। मनोज लोणकर, संयुक्त आयुक्त, मनपा
