मोशी कचरा डिपो हादसा: PCMC कमिश्नर का बड़ा एक्शन, मुख्य अभियंता समेत 2 बड़े अधिकारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
Moshi Building Collapse: पुणे के मोशी कचरा डेपो में हुए हादसे के बाद पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य और कार्यकारी अभियंता को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
- Written By: आकाश मसने
मोशी बिल्डिंग हादसे का दृश्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
PCMC Suspends Two Engineers In Moshi Building Collapse Case: पुणे के मोशी कचरा डिपो में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। 9 निर्दोष ठेका कर्मचारियों की जान लेने वाले इस हादसे में जिम्मेदारी तय करते हुए PCMC कमिश्नर डॉ. विजय सूर्यवंशी ने बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया। प्रशासन ने मुख्य अभियंता-1 संजय नारायण कुलकर्णी और कार्यकारी अभियंता (पर्यावरण) योगेश सोपान आल्हाट को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
इसके साथ ही महानगरपालिका आयुक्त IAS डॉ. विजय सूर्यवंशी ने बुधवार को महाराष्ट्र नागरी सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।
मोशी में कचरे का ढ़ेर ढहने से गिरी थी बिल्डिंग
बता दें कि 8 जुलाई को पुणे जिले की पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका के मोशी कचरा डिपो में जमा कचरे का विशाल ढेर अचानक ढह गया और पास स्थित आरसीसी इमारत पर गिर गया था। इस हादसे में डिपो में काम करने वाले 9 ठेका कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था। हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की थी और संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
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संतोषजनक नहीं था अधिकारियों का जवाब
पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका प्रशासन ने कहा कि मुख्य अभियंता संजय कुलकर्णी और कार्यकारी अभियंता योगेश आल्हाट द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। प्रशासन के अनुसार, उनके जवाब में वास्तविक स्थिति का अभाव था और जिम्मेदारी से बचने का प्रयास दिखाई दिया। इसके बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
- मुख्य अभियंता पर आरोप: संजय कुलकर्णी पर मोशी कचरा डिपो के दैनिक कामकाज पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा निगरानी न रखने का गंभीर आरोप है। उन्होंने सुरक्षा उपायों की पूरी तरह अनदेखी की।
- कार्यकारी अभियंता पर आरोप: योगेश आल्हाट पर पर्यावरणीय नियमों के क्रियान्वयन में ढिलाई, नियमित निरीक्षण न करने और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप तय किए गए हैं।
15 दिन में दाखिल करना होगा चार्जशीट
PCMC आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश देते हुए संबंधित विभाग को 15 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी निलंबित रहेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही इस दौरान वे कोई अन्य नौकरी या व्यवसाय नहीं कर सकेंगे।
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हादसे की जांच जारी
मोशी कचरा डिपो हादसा के बाद जिम्मेदारी तय करने के लिए प्रशासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होने की संभावना है। वहीं, दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह, सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर भी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
