PCMC आरक्षण लॉटरी से कई दिग्गजों की सीट बदली, टिकट पर संकट गहराया

Pimpri Chinchwad MNC आरक्षण लॉटरी ने कई दिग्गज नगरसेवकों की सीटें बदल दीं। कई प्रभाग महिलाओं के लिए आरक्षित होने से टिकट की दौड़ मुश्किल हुई और पार्टी के भीतर संघर्ष बढ़ने के संकेत मिले।
PCMC Rented Vehicles Expense Controversy
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pimpri Chinchwad MNC: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा चुनाव के लिए हाल ही में आरक्षण लॉटरी घोषित की गई। इस लॉटरी ने कई प्रभागों में दिग्गज पूर्व नगरसववकों का टिकट कटवा दिया है, जबकि कुछ प्रभागों में इच्छुक उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने से उन्हें पार्टी के भीतर संघर्ष करना पड़ेगा।

कुछ जगहों पर दिग्गज पूर्व नगरसेवक आमने-सामने होंगे। आरक्षण लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कौन किस बार्ड से चुनाव लड़ेगा और उम्मीदवार अब पूरी ताकत से तैयारी में जुट गए हैं।

कई सीटें अब महिलाओं के लिए आरक्षित

हाल ही में प्रो। रामकृष्ण मोरे प्रेक्षागृह में आरक्षण लॉटरी निकाली गई। इसमें निकली पर्ची ने दो-तीन बार नगरसेवक रह चुके नेताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया। पिछली बार अनुसूचित जाति से चुने गए पांच पूर्व नगरसेवकों को इस बार घर बैठना पड़ सकता है।

वहीं, कई दिग्गजों को इस बार उपयुक्त आरक्षण न मिलने से फिर से मनपा सभागार में पहुंचने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। 2017 के मनपा में अनुसूचित जाति की सीट से चुने गए कई पूर्व नगरसेवकों की इस बार उम्मीदें टूट गई हैं।

आरक्षण के फेरबदल से प्रभावित नामों में प्रभाग 4 के विकास डोलस, प्रभाग 19 के शैलेश मोरे, प्रभाग 29 के सागर आंगोलकर, प्रभाग 31 के अंबरनाथ कांबले और प्रभाग 32 के संतोष कांबले शामिल हैं।

इनकी सीटें अब महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई हैं। सिद्धार्थ बनसोडे को लगा झटका विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे के बेटे सिद्धार्थ बनसोडे को भी झटका लगा है, क्योंकि जिस प्रभाग (19) से वे तैयारी कर रहे थे, वह सीट भी महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई है।

दूसरी ओर, अनुसूचित जाति की महिला आरक्षित सीटों पर प्रभाग 10 की अनुराधा गोरखे, प्रभाग 21 की निकिता कदम और प्रभाग 23 की मनीषा पवार को फिर से मौका मिलने की संभावना है। अनुसूचित जनजाति की तीन में से दो सीटें (प्रभाग 29 और 30) महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं, जिनमें से पूर्व पार्षद उषा मुंढे की सीट सुरक्षित मानी जा रही है।

पार्टी के अंदर मचेगी जंग

जहां इच्छुकों की संख्या अधिक है, वहां टिकट पाने के लिए पार्टी के भीतर तीखा संघर्ष होना तय है, कुछ दिग्गजों को तो इस बार मनपसंद सीट न मिलने से घर बैठना पड़ सकता है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीदवार तय करते समय नाराजगी टालने की बड़ी चुनौती झेलनी होगी।

दिग्गज आमने-सामने

कुल 32 प्रभागों की 128 सीटों में एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षण तय हुआ। आरक्षण में बदलाव से कई मौजूदा नगरसेवकों की उम्मीदों पर पानी फिरा है। कई प्रभाग जो पहले सामान्य थे, इस बार आरक्षित हो गए, जिससे समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।

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