मेट्रो-4 और 4ए परियोजना को मिली बड़ी राहत, मोगरपाड़ा में मैंग्रोव भूमि डायवर्ट करने की मंजूरी
Mumbai Metro 4 Update: मुंबई मेट्रो-4 और 4ए परियोजना को गति देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ठाणे के मोगरपाड़ा में 0.39 हेक्टेयर मैंग्रोव वन भूमि के डायवर्जन को मंजूरी दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई मेट्रो 4 प्रोजेक्ट अपडेट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Metro 4 Update News: मुंबई महानगर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार ने ठाणे के मोगरपाड़ा क्षेत्र में स्थित 0.39 हेक्टेयर मैंग्रोव वन भूमि को मुंबई मेट्रो-4 व 4ए परियोजना के लिए डायवर्ट करने की मंजूरी दे दी है।
इस भूमि पर मोगरपाड़ा कार डिपो तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एप्रोच रोड और स्पर लाइन का निर्माण किया जाएगा। केंद्र सरकार से अंतिम वन मंजूरी मिलने के बाद जारी किए गए इस आदेश के तहत संबंधित वन भूमि एमएमआरडीए को सौंपी जाएगी। हालांकि, परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान पर्यावरणीय शर्तों के कड़ाई से पालन और मैंग्रोव संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा सतत निगरानी रखी जाएगी।
मुंबई मेट्रो-4 परियोजना पकड़ेगी रफ्तार
राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार ठाणे तालुका के ग्राम मोगरपाड़ा स्थित गट क्रमांक 30 की 0।39 हेक्टेयर मैग्रीव वन भूमि को कार्यकारी अभियंता, मेट्रो पीआईयू, एमएमआरडीए, मुंबई के पक्ष में डायवर्ट किया गया है।
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यह भूमि वडाला, मुलुंड, ठाणे, कासारवडवली और गायमुख को जोड़ने वाले मेट्रो-4 व 4ए कॉरिडोर के मोगरपाड़ा कार डिपो तक पहुंच मार्ग विकसित करने के लिए आवश्यक बताई गई है।
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इस प्रस्ताव की सबसे पहले सितंबर 2024 में नागपुर के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व नोडल अधिकारी द्वारा राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने इसे केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के नागपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को मंजूरी के लिए भेजा था।
केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन डायवर्जन
मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2024 को परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की थी। आवश्यक शर्तों के अनुपालन की पुष्टि के बाद 11 फरवरी 2025 को परियोजना को अंतिम वन मंजूरी भी प्रदान कर दी गई। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि वन भूमि का डायवर्जन केंद्र सरकार द्वारा निधर्धारित सभी शर्तों के अधीन होगा।
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मैंग्रोव प्रभाग, उत्तर कोकण के प्रभागीय वन अधिकारी को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वन भूमि उपयोगकर्ता संस्था को हस्तांतरित करने से पहले सभी अनिवार्य शर्तों का पूर्ण अनुपालन हो चुका हो। साथ ही मुंबई मैग्रोव प्रकोष्ठ के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक को परियोजना की निगरानी करते हुए समय-समय पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए धीरेंद्र उपाध्याय की रिपोर्ट
