पिंपरी-चिंचवड़ में वायु प्रदूषण पर सख्ती, AQI मॉनिटरिंग अनिवार्य; 2.59 करोड़ जुर्माना वसूला
Pimpri Chinchwad में वायु प्रदूषण रोकने के लिए मनपा ने निर्माण स्थलों और RMC प्लांटों पर AQI मॉनिटरिंग अनिवार्य की है। एक साल में 2.59 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
पिंपरी चिंचवड़ वायु प्रदूषण (सौ. सोशल मीडिया )
PCMC Air Pollution Crackdown: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने अब बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।
अतिरिक्त आयुक्त तृप्ति सांडभोर ने निर्माण क्षेत्र के डेवलपर्स और औद्योगिक इकाइयों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया है कि शहर में धूल और जहरीले धुएं के उत्सर्जन को कम करने के लिए जमीनी स्तर पर निरीक्षण की गति तत्काल बढ़ाई जाए और जहां भी उल्लंघन पाया जाए, वहां बिना देरी किए दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम उठाए जाएं। इसी के साथ सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रदूषण नियंत्रण के कड़े उपायों को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शहर की हवा को सांस लेने योग्य बनाया जा सके।
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प्रदूषण फैलाने वालों की होगी पहचान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि तकनीक का सहारा लेकर प्रदूषण फैलाने वालों की पहचान की जाएगी। इसके तहत शहर में वायु गुणवत्ता की वास्तविक समय पर सटीक निगरानी करने के लिए सभी बड़े निर्माण स्थलों, आरएमसी प्लांटों और संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में एक्यूआई मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
इससे प्राप्त डेटा के आधार पर प्रशासन निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेगा और दोषी पाए जाने वालों पर तुरंत शिकंजा कसा जाएगा। महानगरपालिका ने अपने विशेष उपद्रव शोध दलों की सक्रियता और मैनपावर में भी भारी वृद्धि करने का निर्णय लिया है ताकि शहर के हर कोने, गली और औद्योगिक संकुल पर पैनी नजर रखी जा सके।
अभियान चलाकर वसूला ढाई करोड़ का जुर्माना
- पिछले एक वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है।
- फरवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच सड़क किनारे मलबा फेंकने, नदियों में बिना प्रक्रिया के गंदा पानी छोड़ने, कचरा जलाने और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने जैसी गत्तिविधियों में शामिल हजारों इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
- इस अभियान के तहत अब तक 2।59 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम जुर्माना वसूला जा चुका है, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन अब किसी भी चूक को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
निर्माण परियोजनाओं और आरएमसी (RMC) प्लांटों पर प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू किए जाए। उपद्रव शोध दल द्वारा की गई कार्रवाई और वसूला गया जुर्माना शहर में अनुशासन बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। – संजय कुलकर्णी, मुख्य अभियंता
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पिंपरी-चिंचवड शहर के निर्माण और औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा ग्रुप (GRAP) के तहत सभी नियमों का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य है। धूल नियंत्रण, उत्सर्जन प्रबंधन और स्वच्छता के संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी, महानगरपालिका प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कठोर रुख अपना रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
– तृप्ति सांडभोर, अतिरिक्त आयुक्त, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका
