पुणेवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी: भारी बारिश से लबालब भरे बांध, जानिए कितने महीनों के लिए पानी सुरक्षित
Pawna Dam Water Level: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जारी भारी बारिश से पवना बांध का जलस्तर 80% से अधिक हो गया है। बिना बाढ़ के खतरे के जिले के प्रमुख जलाशय लबालब भर चुके हैं।
- Written By: आकाश मसने
पवना डैम (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
Pawna Dam Water Level: पुणे जिले में जारी मूसलाधार बारिश से पिंपरी-चिंचवड़ और पुणेवासियों की जल संकट की चिंता पूरी तरह दूर हो गई है। शहर की जीवन रेखा पवना बांध का जलस्तर 80 प्रतिशत के पार पहुंचते ही पेयजल आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित हो गई है। साथ ही वरसगांव, मुलशी और खड़कवासला जैसे प्रमुख जलाशयों में भी जल संचय तेजी से सुधार हो रहा है। बिना बाढ़ के खतरे के बांधों का लबालब भरना प्रशासन और नागरिकों
दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
पेयजल आपूर्ति हुई पूरी तरह सुरक्षित, 6.82 TMC पानी जमा
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पवना बांध में वर्तमान में 193.27 मिलियन घन मीटर (6.82 टीएमसी) उपयोगी जलसंग्रह उपलब्ध हो चुका है। यह मात्रा बांध की कुल भंडारण क्षमता का 80.29 प्रतिशत है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आने वाले कई महीनों के लिए पिंपरी-चिंचवड़ शहर की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित हो गई है। संतोषजनक बात यह भी है कि जलस्तर बेहतर होने के बावजूद फिलहाल बांध से अतिरिक्त पानी का विसर्ग नहीं किया जा रहा है।
अन्य प्रमुख जलाशयों की स्थिति
पवना बांध के अलावा, पुणे जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों में भी जलसंग्रह की स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है। मानसून की निरंतर सक्रियता का सकारात्मक असर जिले के पूरे जल तंत्र पर देखने को मिल रहा है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, खड़कवासला बांध में 68.11 प्रतिशत, वरसगांव में 58.88 प्रतिशत, पानशेत में 64.77 प्रतिशत, टेमघर में 42.26 प्रतिशत और मुलशी बांध में 73.02 प्रतिशत उपयोगी जलसंग्रह दर्ज किया जा चुका है। इन सभी बांधों का जलस्तर बढ़ने से जिले की कृषि और पेयजल संबंधी जरूरतें आसानी से पूरी होंगी। फिलहाल किसी भी बांध से पानी छोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ी है।
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सतत विकास के लिए जल सुरक्षा अत्यंत आवश्यक
पिंपरी-चिंचवड़ जैसे तेजी से बढ़ते औद्योगिक और आवासीय शहर के लिए पवना बांध का समय पर भरना जल सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पर्याप्त जल उपलब्धता नागरिकों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ शहर के व्यवस्थित विकास के लिए भी जरूरी है। पिछले वर्षों की किल्लत को देखते हुए इस बार बांधों का जल्दी भरना राहत देने वाला है। फिर भी प्रशासन ने सभी नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है,
पवना डैम में 6.82 TMC उपयोगी जल
जल संसाधन विभाग पुणे के ओर से कहा गया है कि पवना सहित पुणे जिले के प्रमुख बांधों में जलसग्रह 80% तक पहुंचना सुखद है। पेयजल आपूर्ति सुरक्षित है और बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। पवना डैम में 6.82 TMC उपयोगी जल उपलब्ध है।
बांधों में जलसंग्रह की स्थिति
| बांध का नाम | वर्तमान जलसंग्रह |
| पवना बांध | 80.29% |
| मुलशी बांध | 73.02% |
| खड़कवासला बांध | 68.11% |
| पानशेत बांध | 64.77% |
| वरसगांव बांध | 58.88% |
| टेमघर बांध | 42.26% |
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नदियों का जलस्तर नियंत्रित, बाढ़ का खतरा नहीं
बारिश से बांध लगातार भर रहे हैं, लेकिन नदियों में जलस्तर पूरी तरह से नियंत्रण में बना हुआ है। प्रशासन मुठा नदी स्थित मुंढवा के. टी. बैराज की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां से भी पानी का विसर्ग नहीं हो रहा है। इसके अलावा, दौंड में भीमा नदी में 5,226 क्यूसेक और नीरा नदी के नरसिंहपुर केंद्र पर 4,271 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया है। दोनों नदियां चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं, जिससे बाढ़ की कोई आशंका नहीं है।
