Nitin Gadkari Pune Speech: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वर्तमान समय में न तो वामपंथी और न ही दक्षिणपंथी विचारधारा का पहले जैसा प्रभाव रह गया है। आज 'अवसरवाद की विचारधारा' अधिक प्रचलित हो गई है।
व्यक्ति और संगठन परिस्थितियों के अनुसार अपनी भूमिका बदल रहे हैं तथा विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता लगातार कम होती जा रही है। उन्होंने इसे सामाजिक और सार्वजनिक जीवन के लिए चिंता का विषय बताया। आगे उन्होंने कहा कि पुणे शहर इतनी तेजी से विकसित होगा, इसका अंदाजा नहीं था।
इसी कारण शहर की सड़क और बुनियादी सुविधाओं के नियोजन में कमी रह गई। मुंबई-पुणे महामार्ग का निर्माण करते समय भविष्य की यातायात जरूरतों का अनुमान लगाना चाहिए था। यह स्वीकारोक्ति भी उन्होंने की। पुणे यातायात जाम और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं के बावजूद लगातार बढ़ रहा है और शहर लगभग 'हाउसफुल' हो चुका है।
ऐसे में केवल मौजूदा समस्याओं पर अस्थायी उपाय करने के बजाय अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाना जरूरी है। लवले स्थित सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित 'फेस्टिवल ऑफ थिंकर्स' कार्यक्रम में नितिन गडकरी बोल रहे थे।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि जब वे महाराष्ट्र के सार्वजनिक निर्माण मंत्री थे, तब मुंबई-पुणे महामार्ग के लिए 4 लेन का प्रस्ताव था। भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 6 लेन का आग्रह किया था। आज 6 लेन का यह महामार्ग भी यातायात के लिए अपर्याप्त साबित हो रहा है।
इसलिए सड़क, महामार्ग, पुल, सुरंग, जलमार्ग और अन्य परिवहन सुविधाओं का नियोजन करते समय केवल वर्तमान जरूरतों के बजाय अगले 50 वर्षों की संभावनाओं को ध्यान में रखना आवश्यक है। बेहतर बुनियादी सुविधाओं से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को गति मिलती है।