पुणे: नए सत्र में भी छठी कक्षा के छात्रों को नहीं मिलीं पाठ्य-पुस्तकें, बालभारती का दावा, 30 जून तक होगा वितरण
Pune School News: पुणे में एनईपी के तहत कक्षा 6 का नया पाठ्यक्रम लागू होने के बाद भी छात्रों को नहीं मिलीं पुस्तकें। बालभारती ने 30 जून तक का दिया लक्ष्य, तब तक 'सेतु पुस्तकों' का सहारा।
- Written By: रूपम सिंह
बालभारती स्कूल (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Maharashtra Education Department: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद राज्य के अनेक स्कूलों में विद्यार्थियों को अब तक नई पाठ्य-पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत नए पाठ्यक्रम से पढ़ाई करने वाले कक्षा 6 के विद्यार्थियों पर इसका सबसे अधिक असर दिखाई दे रहा है। शैक्षणिक वर्ष के शुरुआती दिनों में ही शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित होने लगी है और स्कूलों के सामने वैकल्पिक व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई है।
बालभारती ने दावा किया है कि मराठी माध्यम की कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तकों का मुद्रण कार्य पूरा हो चुका है और वितरण प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग ने 30 जून तक सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, कई स्कूलों में अब भी पुस्तकें नहीं पहुंची हैं।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, इस देरी के पीछे कई कारण हैं। नई शिक्षा नीति के तहत एक साथ चार कक्षाओं के लिए नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें तैयार करने की जिम्मेदारी बालभारती पर थी। मूल मराठी पुस्तकों की तैयारी में हुई देरी, उसके बाद अनुवाद प्रक्रिया और मुद्रण संबंधी तकनीकी अड़चनों के कारण वितरण कार्यक्रम प्रभावित हुआ। इस बीच, पाठ्य-पुस्तकों की कमी से निपटने के लिए महाराष्ट्र राज्य शैक्षणिक संशोधन एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार की गई ‘सेतु पुस्तकें’ उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्थिति और जटिल इसलिए हो गई है क्योंकि सेतु पुस्तकें मुख्य रूप से मराठी माध्यम को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। ऐसे में हिंदी, अंग्रेजी और अन्य माध्यमों के स्कूलों के सामने भी पाठ्यक्रम और अध्यापन पद्धति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि नई पुस्तकों के अभाव में विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाना कठिन हो रहा है। अभिभावकों ने भी शीघ्र पुस्तक वितरण की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
