

Pune Vivek Bhimanwar Rahul Gandhi MPSC Recruitment: MPSC परीक्षार्थियों ने लंबित मांगों और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से पुणे में बेमियादी धरना आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। आंदोलन एस. एम. जोशी पुल, नवी पेठ में सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
पुणे में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के परीक्षार्थी एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में हैं। छात्रों ने लंबित मांगों और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 2026 से बेमियादी धरना आंदोलन की घोषणा की है। आंदोलन सुबह 10 बजे नवी पेठ स्थित एस. एम. जोशी पुल के पास शुरू करने की जानकारी सामने आई है।
इससे पहले 7 सितंबर को पुणे में छात्रों ने 'आक्रोश मोर्चा' निकाला था। इस प्रदर्शन में MPSC की परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक, परिणाम में देरी और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को लेकर विभिन्न मांगें उठाई गई थीं।
छात्रों की प्रमुख आपत्तियों में औषध निरीक्षक परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक का मामला भी शामिल है। इस मामले में MPSC ने भर्ती प्रक्रिया रद्द की थी और जांच जारी है। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में देरी से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का समर्थन मिलने की बात सामने आई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने पहले भी छात्रों के आंदोलन में भाग लिया था और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग का समर्थन किया है। 7 सितंबर के प्रदर्शन में भी रोहित पवार और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए थे।
कांग्रेस विधायक डॉ. विश्वजीत कदम ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए पुणे आ सकते हैं। हालांकि, राहुल गांधी की भागीदारी को लेकर फिलहाल इसे संभावना के तौर पर ही देखा जा रहा है।
आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने पहले स्पष्ट किया था कि औषध निरीक्षक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक की घटना उनके पदभार संभालने से पहले की है। उन्होंने कहा था कि इस मामले में आयोग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जांच जारी है। भीमनवार ने यह भी कहा था कि उनके खिलाफ किसी तरह का प्रमाण सामने आने पर वह पद पर नहीं रहेंगे।
आंदोलन को लेकर पुलिस अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठक भी हुई है। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे। छात्रों की ओर से अक्षय कांबले, प्रमोद पाटील, विश्वजीत जाधव, संग्राम नरले, किरण जगताप, सिद्धांत जांभुलकर, नितिन गीते, नितिन औधले और अजिनाथ केदार सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।