

MPSC Recruitment Process: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में देरी के बीच प्रसिद्ध सिविल सेवा मार्गदर्शक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में देरी, परिणामों का लंबित रहना और लगातार कानूनी विवादों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सरकार को तय समय-सारिणी के अनुसार परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
पुणे में ‘दृष्टि आईएएस’ की नई शाखा शुरू होने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में दिव्यकीर्ति ने कहा कि एमपीएससी का कामकाज तय व्यवस्था के अनुसार चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर समय पर नौकरी मिलना जरूरी है।
एमपीएससी मुख्य परीक्षा के पैटर्न पर उन्होंने कहा कि कई राज्यों में वर्णनात्मक परीक्षा पद्धति अपनाई जाती है, जबकि राजस्थान में वर्णनात्मक और वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों का संयोजन है। महाराष्ट्र सरकार जो पद्धति तय करेगी, उसी के अनुसार विद्यार्थियों को तैयार किया जाएगा।
दिव्यकीर्ति ने विद्यार्थियों को छह-आठ वर्ष तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में न लगाने की सलाह दी। उनके अनुसार, दो वर्ष पूरी गंभीरता से तैयारी करने के बाद प्रतिदिन करीब दो घंटे अभ्यास जारी रखते हुए नौकरी या व्यवसाय शुरू करना बेहतर है।
इससे समय, करियर और आर्थिक स्थिति सुरक्षित रहेगी तथा मानसिक तनाव भी कम होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को अंग्रेजी और हिंदी पर भी मजबूत पकड़ बनाने की सलाह दी। जल्द ही एमपीएससी के लिए मराठी माध्यम का स्वतंत्र पाठ्यक्रम शुरू करने की जानकारी भी उन्होंने दी।
(इनपुटः समीर सय्यद)