Pune: मनोज जरांगे पाटिल कोर्ट में पेश, धोखाधड़ी मामले में दी दोषमुक्ति की अर्जी
Manoj Jarange News: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल पुणे कोर्ट में धोखाधड़ी मामले में पेश हुए। दोषमुक्ति की अर्जी पर सुनवाई 18 नवंबर को होगी। वकीलों ने कहा है कि जरांगे पर ठोस सबूत नहीं।
- Written By: अपूर्वा नायक
मनोज जरांगे पाटिल (सौ. सोशल मीडिया )
Manoj Jarange In Court: नाट्य निर्माता के साथ धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज मामले में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल शुक्रवार (31 अक्टूबर) को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट जी आर डोरनालपल्ले के न्यायालय में हाजिर हुए।
उन्होंने इस अपराध से दोषमुक्त करने और इस मामले को निपटाने के लिए एक अर्जी (आवेदन) दी है। अर्जी पर बचाव पक्ष की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। अब इस अर्जी पर अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
कोथरूड पुलिस स्टेशन में नाटकों के प्रयोग आयोजित करवाकर उसका पैसा न देने के आरोप में जरांगे के साथ अर्जुन प्रसाद जाधव और दत्ता बहीर (सभी निवासी अंबड, जालना) के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के आरोपों के तहत्त मामला दर्ज किया गया था।
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इस संबंध में धनंजय घोरपड़े ने शिकायत दर्ज कराई थी। जरांगे पाटिल ने इस मामले से दोषमुक्त होने के लिए अर्जी दी है। हालांकि, स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण पिछली कुछ सुनवाइयों में जरांगे-पाटिल उपस्थित नहीं थे।
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जरांगे के खिलाफ ठोस सबूत नहीं
न्यायालय के आदेश पर वह शुक्रवार को उपस्थित हुए। जरांगे पाटिल की ओर से एड। हर्षद निबालकर, शिकायतकर्ता घोरपड़े की और से एड। खंडेराव टाचले, एड। आकाश बिराजदार और सरकारी पक्ष की ओर से सरकारी वकील एड। डी। सी। खोपड़े पैरवी कर रहे हैं। शुक्रवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट डोरनालपल्ले के न्यायालय में जरांगे पाटिल के वकील एड। हर्षद निंबालकर और एड। शिवम निम्बालकर ने अपनी बात रखी। एड। निम्बालकर ने तर्क दिया कि ‘इस मामले में जरागे पाटिल के खिलाफ कोई ठोस सबूत उपलब्ध नहीं है। धोखाधड़ी करने का उनका कोई इरादा नहीं था।।
