‘राष्ट्र प्रथम’ पहल के तहत महाराष्ट्र ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, 2 करोड़ छात्रों ने एक साथ गाए देशभक्ति गीत
Maharashtra News: महाराष्ट्र में ‘राष्ट्र प्रथम’ पहल के तहत गणतंत्र दिवस पर 2 करोड़ से अधिक छात्रों ने सामूहिक देशभक्ति गायन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी।
- Written By: अपूर्वा नायक
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (सौ. सोशल मीडिया )
Republic Day World Record: महाराष्ट्र ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति और एकता का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सोमवार को जानकारी दी कि ‘राष्ट्र प्रथम’ पहल के तहत महाराष्ट्र के एक लाख स्कूलों के दो करोड़ से अधिक छात्रों ने एक साथ तालमेल के साथ देशभक्ति गीत गाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने आधिकारिक रूप से दर्ज किया है। मंत्री दादा भुसे ने बताया कि यह रिकॉर्ड गणतंत्र दिवस के दिन राज्यभर में एक ही समय पर आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम के माध्यम से बनाया गया।
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राज्यभर के स्कूलों में एकसाथ हुआ सामूहिक गायन
‘राष्ट्र प्रथम’ पहल के अंतर्गत ध्वजारोहण के बाद महाराष्ट्र के सभी डिवीजनों में स्कूली छात्रों ने देशभक्ति गीतों का सामूहिक गायन किया। इस आयोजन में लगभग सात लाख शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और छात्रों का मार्गदर्शन किया।
कई महीनों से चल रही थी तैयारी
मंत्री भुसे ने बताया कि इस कार्यक्रम की तैयारी पिछले कुछ महीनों से चल रही थी। स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के सभी स्कूलों को 14 मिनट का एक विशेष निर्देशात्मक वीडियो उपलब्ध कराया गया था, जिसके माध्यम से छात्रों को गीतों का अभ्यास कराया गया।
अनुशासन और समन्वय का दिखा शानदार उदाहरण
एक लाख से अधिक स्कूलों में एक ही समय पर, एक ही लय में और एक ही उद्देश्य के साथ देशभक्ति गीतों का गायन करना न केवल एक रिकॉर्ड है, बल्कि यह छात्रों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामूहिकता की भावना को भी मजबूत करता है।
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शिक्षा के साथ संस्कारों का संदेश
‘राष्ट्र प्रथम’ पहल को शिक्षा के साथ संस्कार जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल ने यह साबित किया है कि महाराष्ट्र के छात्र केवल शैक्षणिक उपलब्धियों में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक एकता में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
