

महाराष्ट्र FDA के 20 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन की आशंका।
निजी कंपनी पर कार्यक्षेत्र से बाहर छापेमारी के आरोपों की जांच।
संजय राऊत ने लाइसेंस बहाली के बदले ₹17–18 लाख वसूली का आरोप लगाया।
Maharashtra FDA Officials Suspension Threat: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) में अब अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुणे और भिवंडी में एक निजी कंपनी पर कथित तौर पर निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर छापेमारी करने के मामले में 20 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन की आशंका जताई जा रही है।
मामले को मंत्री नरहरि झिरवाल और विभागीय आयुक्त तुकाराम मुंढे ने गंभीरता से लिया है। हालांकि, अधिकारियों के निलंबन को लेकर अभी अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक, FDA के अधिकारियों ने पुणे और भिवंडी में एक निजी कंपनी के खिलाफ छापेमारी की थी। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर यह कार्रवाई की। साथ ही, छापेमारी के पीछे व्यक्तिगत हित होने की आशंका भी जताई गई है। जांच में यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
इससे पहले सुपारी मामले में FDA के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया था। नए मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
इस बीच, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत का FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को लिखा पत्र भी चर्चा में है। राऊत ने आरोप लगाया था कि कुछ अधिकारी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना ही खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस निलंबित करने की धमकी देते हैं।
उनके मुताबिक, नियमानुसार पहले निरीक्षण किया जाना चाहिए। इसके बाद कमियों में सुधार के लिए नोटिस देना और संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर देना जरूरी है। यदि इसके बावजूद सुधार नहीं होता, तभी लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए।
संजय राऊत ने ठाणे में एक विवक-कॉमर्स कंपनी का लाइसेंस बहाल करने के बदले 17 से 18 लाख रुपये वसूले जाने का आरोप भी लगाया था। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर चूहे की तस्वीर सामने आने के बाद एक होटल का लाइसेंस निलंबित किए जाने का दावा किया था।
सांसद ने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी। फिलहाल, इन आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।