नासिक के गांवों में स्मार्ट मीटर के बावजूद स्ट्रीट लाइटें बंद, बिजली बिलों के विवाद से बढ़ी परेशानी

Nashik Village Streetlight Crisis: बिजली बिलों के विवाद और विभागों के बीच समन्वय की कमी से नासिक के कई गांवों में चार दिनों से अंधेरा, सरपंच सेवा महासंघ ने तत्काल समाधान की मांग की।
Nashik Village Streetlights Electricity Bill Dispute
नासिक गांव की स्ट्रीटलाइट बिजली बिल विवादसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • नासिक के कई गांवों में पिछले तीन-चार दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद होने की शिकायत।

  • ग्राम पंचायतों पर लाखों रुपये के बिजली बिल बकाया होने की बात सामने आई।

  • राज्य सरकार, महावितरण और जिला परिषद के बीच समन्वय की कमी पर सवाल।

  • अंधेरे के कारण महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और काम से लौटने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता।

  • सरपंच सेवा महासंघ ने बिलों की विसंगतियों की जांच और स्ट्रीट लाइटों की आपूर्ति तत्काल बहाल करने की मांग की।

Nashik Village Streetlights Electricity Bill Dispute: नासिक जिले के कई गांवों में बिजली बिलों से जुड़े विवाद और विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण स्ट्रीट लाइटें बंद होने की समस्या सामने आई है। सरपंच सेवा महासंघ के जिला संगठन प्रमुख देवेंद्र काजले के अनुसार, कई गांवों में पिछले तीन-चार दिनों से सड़कें, चौक और गलियां अंधेरे में हैं। ग्राम पंचायतों पर लाखों रुपये के बिजली बिल बकाया होने की बात कही जा रही है, वहीं बिजली आपूर्ति प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी हैं।

स्मार्ट मीटर लगे, फिर भी गांवों में अंधेरा

ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की आवाजाही और चोरी की आशंका के बीच अंधेरे ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। काजले ने मांग की है कि बकाया बिलों की नियमानुसार वसूली के साथ बिलों की विसंगतियों की जांच की जाए। राज्य सरकार, महावितरण और जिला परिषद को समन्वय से विवाद सुलझाकर स्ट्रीट लाइटों की बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करनी चाहिए।

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बिजली बिलों के विवाद में स्ट्रीट लाइटें बंद

नासिक, डिजिटल महाराष्ट्र और ग्रामीण विकास के दावों के बीच नासिक जिले के कई गांवों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने का मामला सामने आया है। बिजली बिलों के बकाया और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण ग्रामीणों को अंधेरे में रहने की परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरपंच सेवा महासंघ के नासिक जिला संगठन प्रमुख देवेंद्र काजले ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।

तीन-चार दिनों से बंद हैं स्ट्रीट लाइटें

काजले के अनुसार, नासिक जिले के कई गांवों में पिछले तीन-चार दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। इसके कारण सड़कें, चौक और गलियां अंधेरे में डूबी हुई हैं। त्योहारों के दौरान भी रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांवों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, तो बिजली आपूर्ति और बिलों से जुड़ी समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि राज्य सरकार, महावितरण और जिला परिषद के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता

ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की आवाजाही और चोरी की आशंका के बीच स्ट्रीट लाइटें बंद होने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। अंधेरे में काम से घर लौटने वाले श्रमिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।

स्थानीय स्तर पर रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होने से रात के समय सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही भी मुश्किल हो रही है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए।

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बकाया बिल और तकनीकी समस्याओं पर सवाल

कई ग्राम पंचायतों पर लाखों रुपये के बिजली बिल बकाया होने की बात सामने आई है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी की जा रही हैं। हालांकि, अलग-अलग गांवों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारणों और बकाया राशि की स्थिति की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

काजले ने सवाल उठाया कि बिलों से संबंधित विवादों को संबंधित विभाग आपस में सुलझाने के बजाय ग्रामीणों को परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है।

बिलों की जांच और आपूर्ति बहाल करने की मांग

सरपंच सेवा महासंघ ने मांग की है कि बिजली बिलों की नियमानुसार वसूली की जाए और बिलों में किसी भी प्रकार की विसंगति होने पर उसकी जांच की जाए। राज्य सरकार, महावितरण और जिला परिषद को आपसी समन्वय से इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।

इसके अलावा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की जांच कर गांवों में स्ट्रीट लाइटों की बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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