Khed Tehsil ने बनाया रिकॉर्ड, गौण खनिज से 18.81 करोड़ का राजस्व वसूला
पुणे के Khed Tehsil ने गौण खनिज से 18.81 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व वसूला है। अवैध उत्खनन पर सख्ती करते हुए वाहनों की जब्ती और बकाया वसूली के लिए संपत्ति नीलामी की तैयारी शुरू हुई।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे न्यूज (सौ. फाइल फोटो )
Khed Tehsil Minor Mineral Revenue Recovery: खेड तहसील ने पिछले वित्तीय वर्ष में गौण खनिज की वसूली में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। तहसील प्रशासन ने इस क्षेत्र से कुल 18 करोड़ 81 लाख 69 हजार 451 रुपये का भारी-भरकम राजस्व सरकारी खजाने में जमा किया है।
खेड के तहसीलदार प्रशांत बेडसे के अनुसार, अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन को रोकने के लिए विभाग द्वारा की गई सख्त घेराबंदी के परिणामस्वरूप यह सफलता मिली है। खेड तहसील क्षेत्र में रेत, मुरूम (मिट्टी) और पत्थर (गिट्टी) जैसे गौण खनिजों का बड़े पैमाने पर खनन होता है।
राजस्व की चोरी पर कार्रवाई
राजस्व की चोरी रोकने के लिए प्रशासन ने इस वर्ष विशेष सतर्कता बरती। अवैध रूप से खनिज ढोने वाले 63 वाहनों को जब्त कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई की गई। इस विशेष अभियान के माध्यम से प्रशासन ने 1 करोड़ 15 लाख 27 हजार 985 रुपये का जुर्माना मौके पर वसूल किया है, जिससे अवैध परिवहन करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
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27 करोड़ का बकाया वसूल करने की चुनौती
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती गौण खनिज उत्खनन से जुड़े 42 पुराने मामलों में बकाया जुर्माने की वसूली करना है इन मामलों में लगभग 27 करोड़ रुपये का दंड अभी भी लंबित है। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि इन सभी मामलों की कानूनी सुनवाई अब पूरी हो चुकी है। जिन लोगों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर जुर्माना जमा नहीं किया है, प्रशासन ने अब उनके ‘सातबारा’ (भूमि रिकॉर्ड) पर जुर्माने का बोझ दर्ज करना शुरू कर दिया है।
खेड तहसील ने राजस्व वसूली में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वित्तीय वर्ष में ई-चावडी प्रणाली के अंतर्गत 100 प्रतिशत राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करते हुए खेड तहसील पुणे जिले में प्रथम स्थान पर रही है। राजस्व विभाग के कुशल नियोजन और पूरी टीम की कार्यक्षमता के कारण ही हम इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल कर पाए हैं।
– प्रशांत बेडसे, तहसीलदार, खेड
प्रथम चरण में 14 गंभीर मामलों में प्रक्रिया शुरू
बकाया राशि की वसूली के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। राजस्व विभाग ने दंड न भरने वाले दोषियों की अचल संपत्तियों की नीलामी करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में 14 गंभीर मामलों में संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल सरकारी धन की वसूली करना है, बल्कि अवैध उत्खनन करने वाले भू-माफियाओं को कड़ा संदेश देना भी है कि प्रशासन किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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अवैध उत्खनन पर लगेगा प्रभावी अंकुश
तहसील प्रशासन की सक्रियता और सख्त निगरानी के चलते अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, ई-प्रणाली के उपयोग से राजस्व की चोरी में भारी कमी आई है।
