सिया गोयल और चेतन को 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड; केतन अग्रवाल मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला
Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला। मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन को 3 जुलाई तक मिली पुलिस रिमांड। हिरासत में खुलेंगे हत्या के गहरे राज।
- Written By: गोरक्ष पोफली
प्रेमी चेतन और सिया अग्रवाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Siya Goyal And Chetan Get Police Remand Till 3 July: महाराष्ट्र के पुणे जिले के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन को कोर्ट ने अब 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
लोनावला ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया है। सोमवार को आरोपी सिया गोयल और चेतन को पहले वडगांव पुलिस स्टेशन के लॉक-अप से बाहर लाया गया। वहां से उन्हें लोनावला ग्रामीण पुलिस की एक विशेष टीम द्वारा कड़ी सुरक्षा के घेरे में वडगांव कोर्ट ले जाया गया। कोर्ट परिसर में उस समय भारी भीड़ और गहमागहमी का माहौल देखा गया, क्योंकि केतन अग्रवाल की हत्या के बाद से ही स्थानीय नागरिकों और व्यापारी वर्ग में गहरा रोष व्याप्त है।
पुलिस हिरासत में खुलेंगे हत्या के राज
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की अधिकतम हिरासत की मांग की। पुलिस की दलील थी कि इस जघन्य हत्याकांड की साजिश कितनी गहरी है और इसमें कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हो सकते हैं, इसकी जांच के लिए आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और पुलिस द्वारा पेश किए गए प्रारंभिक तथ्यों को देखते हुए सिया और चेतन को 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश सुनाया। अब आने वाले दिनों में पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी, ताकि हत्या के पीछे छिपे असली मकसद और इस्तेमाल किए गए हथियारों या सबूतों को बरामद किया जा सके।
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आरोपी के परिवार पर बढ़ा दबाव, दुकान पर लटका ताला
इस हत्याकांड का असर केवल आरोपियों तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि उनके परिवारों पर भी इसका गहरा सामाजिक प्रभाव पड़ा है। आरोपी सिया गोयल के पिता की दुकान पिछले चार से पांच दिनों से लगातार बंद पड़ी है। शहर में बढ़ते तनाव और पुलिसिया जांच के डर से परिवार ने खुद को सार्वजनिक जीवन से दूर कर लिया है। केतन अग्रवाल जैसे होनहार युवक की जान जाने से पूरे पुणे और लोनावला क्षेत्र में शोक की लहर है।
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आगे की जांच और उम्मीदें
अब सबकी निगाहें 3 जुलाई पर टिकी हैं, जब पुलिस इन आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस अपराध स्थल का मुआयना भी कर सकती है, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। लोनावला ग्रामीण पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। पुलिस की जांच अब किस दिशा में मुड़ती है और इस रिमांड के दौरान कौन से नए चौंकाने वाले खुलासे होते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
