पुणे में खाकी की गुंडागर्दी! सब इंस्पेक्टर ने कैफे में की तोड़फोड़ और बदसलूकी VIDEO देख भड़के नेटिजन्स

Pune Police PSI Viral Video: पुणे के शिरोले रोड स्थित कैफे में घुसकर बदसलूकी और तोड़फोड़ करने वाले पुलिस सब इंस्पेक्टर संदीप कदम को किया गया सस्पेंड, सीसीटीवी फुटेज वायरल होने पर फूटा लोग हुए गुस्सा।
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पुणे के PSI कैफे में तोडफोड करते हुए (सोर्स: साेशल मीडिया)
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Pune Police PSI Sandeep Kadam Suspended: महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले एक पुलिस अधिकारी ने ही कानून की धज्जियां उड़ा दीं। शहर के एक कैफे में घुसकर ग्राहकों और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने और वहां तोड़फोड़ करने के आरोप में पुणे पुलिस के एक पीएसआई को निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 जून की रात की है, जब डेक्कन पुलिस स्टेशन में तैनात उपनिरीक्षक संदीप कदम नाइट ड्यूटी पर थे। ड्यूटी के दौरान कदम पुणे के शिरोले रोड स्थित एक कैफे में पहुंचे। आरोप है कि कैफे में प्रवेश करते ही उन्होंने वहां के कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों के साथ अत्यंत अभद्र और अरेरावी वाली भाषा का प्रयोग किया।

लाठी का जोर दिखा रहे थे PSI

बात सिर्फ जुबानी बहस तक ही सीमित नहीं रही। वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि PSI कदम ने अपनी सरकारी लाठी से कैफे के काउंटर पर रखे कॉफी के गिलास और अन्य खाद्य पदार्थों को नीचे गिरा दिया और तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, उन्होंने कैफे में बैठे ग्राहकों को भी धमकाया और उन्हें तुरंत बाहर जाने के लिए मजबूर किया।

नेटिजन्स का फूटा गुस्सा: खाकी दहशत कम करती है या बढ़ाती है?

जैसे ही इस तोड़फोड़ का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुणे के नागरिकों और नेटिजन्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इंटरनेट पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि खाकी दहशत कम करने के लिए होती है या दहशत बढ़ाने के लिए? नागरिकों का कहना है कि जब एक वर्दीधारी अधिकारी बिना किसी कानूनी नोटिस या पूर्व सूचना के एक वैध रूप से चल रहे व्यवसाय में घुसकर ऐसी हरकत करता है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

वीडियो के वायरल होने और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुणे पुलिस प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए हैं। संदीप कदम को उनके इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार और पुलिस बल के अनुशासन को भंग करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंशन के आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उनका यह व्यवहार पुलिस डिपार्टमेंट की छवि को जनता के बीच धूमिल करने वाला और पद के लिए अशोभनीय है। फिलहाल उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

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