शिवसेना UBT विधायकों की अग्नि परीक्षा, राम रक्षा आंदोलन के बीच उद्धव ठाकरे ने बुलाई अहम बैठक

Uddhav Thackeray Calls Shiv Sena UBT Emergency Meeting: 'ऑपरेशन टाइगर 3.0' के तहत विधायकों के टूटने के दावों के बीच उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में बुलाई आपात बैठक।
Uddhav Thackeray MLA Meeting
उद्धव ठाकरे ने बुलाई विधायकों की आपात बैठक (फोटो क्रेडिट-X)
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Uddhav Thackeray MLA Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर 3.0' की आहट से एक बार फिर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। एक तरफ जहां राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू करके उद्धव ठाकरे आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक बुलाई है।

यह बैठक ऐसे संवेदनशील समय पर बुलाई गई है जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे की ओर से उद्धव गुट के विधायकों में बड़ी टूट होने के लगातार दावे किए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची रार के बीच जिस तरह ममता बनर्जी अपनी पार्टी बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, ठीक वैसी ही चिंता अब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के सामने खड़ी हो गई है।

पार्टी में मची भगदड़ को विधायकों रोकने की कवायद

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई विधायकों की यह इमरजेंसी मीटिंग आज मंगलवार (7 जुलाई 2026) को उनके निजी आवास 'मातोश्री' में होने की पूरी संभावना है। हालांकि अभी तक इस बैठक के मुख्य एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक शाम 7:00 बजे होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में हुए नुकसान की भरपाई करना है।

पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के टूटने और फिर सबसे विश्वसनीय नेताओं में शुमार एमएलसी सचिन अहीर के शिंदे गुट में चले जाने से उद्धव खेमा बेहद सतर्क हो गया है। महा विकास आघाड़ी (MVA) में वर्तमान में उद्धव ठाकरे की पार्टी के पास ही सर्वाधिक विधायक हैं, जिन्हें एकजुट रखना अब सबसे बड़ी चुनौती है।

14 यूबीटी विधायकों के पाला बदलने की अटकलें

सांसदों और एमएलसी के पाला बदलने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि 'ऑपरेशन टाइगर' के नए चरण के तहत यूबीटी के कई विधायक भी दल-बदल की गुप्त तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और राज्य के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने एक सनसनीखेज दावा किया है।

पाटिल के अनुसार, 'ऑपरेशन टाइगर 3.0' पर्दे के पीछे पहले ही शुरू हो चुका है और उद्धव गुट के लगभग 14 विधायकों के जल्द ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, शिंदे गुट के कुछ अन्य बेहद वरिष्ठ नेताओं ने रणनीतिक तौर पर आधिकारिक रूप से ऐसे किसी भी ऑपरेशन के चलने से इनकार किया है।

राम रक्षा आंदोलन के सहारे जमीन मजबूत करने की कोशिश।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आपात बैठक में राज्य विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के आखिरी और महत्वपूर्ण सप्ताह के लिए पार्टी की विधायी रणनीति को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उद्धव ठाकरे अपने बचे हुए विधायकों को एकजुट रखने के लिए भावनात्मक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर काम कर रहे हैं।

इसके साथ ही, उन्होंने राज्यव्यापी स्तर पर राम मंदिर दान और चढ़ावा चोरी के गंभीर मुद्दे को उठाकर 'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत की है, ताकि हिंदुत्व के मोर्चे पर शिंदे और भाजपा सरकार को घेरा जा सके। अब देखना यह होगा कि आज शाम होने वाली इस बैठक के बाद उद्धव ठाकरे अपने कुनबे को बिखरने से बचाने में कितने कामयाब हो पाते हैं।

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