सिया गोयल के पूरे परिवार पर दर्ज होगी FIR? महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा केतन अग्रवाल हत्याकांड का मामला

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की खौफनाक हत्या का मामला महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा। इस दौरान एनसीपी विधायक ने सिया गोयल के परिवार को आरोपी बनाने की मांग की।
Ketan Agarwal murder case NCP MLA Sunil Shelke demands Siya Goyal family be named as accused
केतन अग्रवाल और सिया गोयल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ketan Agarwal Murder Case In Maharshtra Assembly: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में पुणे के 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्याकांड का मुद्दा गूंजा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक सुनील शेलके ने सदन में इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद विधानसभा के पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने राज्य सरकार को केतन की हत्या के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया।

सिया गोयल के परिवार को आरोपी बनाने की मांग

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक सुनील शेलके ने विधानसभा में केतन अग्रवाल की हत्या का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि इस मामले में गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाया जाये। उन्होंने दावा किया कि गोयल परिवार ने अग्रवाल परिवार से सिया किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी छिपाई थी और कहा कि हत्या का मुकदमा त्वरित अदालत में चलाया जाना चाहिए। खरे ने सरकार को हत्या की जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एनसीपी विधायक सुनील शेलके ने महाराष्ट्र सरकार से पीड़ित के परिवार को न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केतन अग्रवाल के परिवार को शुरुआत में बताया गया था कि उसकी मौत एक हादसे में हुई है। हालांकि, पुलिस की विस्तृत जांच में बाद में यह सामने आया कि यह हत्या का मामला था।

लोहगढ़ किले पर हुई थी केतन की हत्या

बता दें कि पुणे ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को बताया था कि 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे में लोहगढ़ किले के निकट एक घाटी में उन्हें कथित तौर पर धक्का दे दिया था। इस मामले में पुलिस ने सिया गोयल (20) और चौधरी (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है। केतन और सिया की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक महल में होने वाली थी।

NCP विधायक ने की पुणे पुलिस की सराहना

एनसीपी विधायक सुनील शेलके ने विधानसभा में पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल और जांच टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उन्होंने गहन जांच की, साक्ष्य एकत्र किये और गवाहों के बयान दर्ज किए, जिससे मामले की सच्चाई सामने आ सकी। उन्होंने कहा कि जिसे शुरुआत में एक हादसा बताया गया था, वह विस्तृत पुलिस जांच के बाद हत्या का मामला निकला।

सुनेत्रा पवार गुट के शेलके ने अधिकारियों से मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच करने की अपील की और मांग की कि इस मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में की जाए। उन्होंने कहा कि यदि केतन अग्रवाल और उनके परिवार को न्याय दिलाना है, तो राज्य सरकार को इस मामले का उचित संज्ञान लेना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

विपक्ष ने पीठासीन अधिकारी के निर्णय पर किया सवाल

हालांकि, विपक्षी दल शिवसेना (यूबीटी) के सदस्य भास्कर जाधव ने सवाल किया कि क्या पीठासीन अधिकारी का यह निर्देश सरकार पर बाध्यकारी है। उन्होंने पहले के उन उदाहरणों का हवाला दिया, जिनमें विधान परिषद के उपसभापति के निर्णय को मुख्यमंत्री ने पलट दिया था। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा के पीठासीन अधिकारी का निर्णय भी लागू नहीं किया गया था। भाजपा सदस्य सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि विधान परिषद और विधानसभा के नियम अलग-अलग हैं।

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