

Pune Yashwant Sugar Mill Market Committee Sunetra Pawar: वित्तीय संकट के कारण वर्ष 2010-11 से बंद पड़ी हवेली तहसील थेऊर की यशवंत सहकारी शुगर मिल की 49.18 एकड़ जमीन को पुणे बाजार समिति ने खरीद लिया है। राज्य सरकार की अनुमति से हुए इस पहले चरण के ऐतिहासिक सौदे ऐतिहासिक सौदे की रजिस्ट्री (कागजी कार्रवाई) बुधवार को पूरी हो गई।
इससे मिल को 148 करोड़ रुपये की पूंजी मिलेगी। इस बड़ी राशि के जुटने से पिछले 15 वर्षों से बंद पड़ी इस मिल को दोबारा शुरू करने का मार्ग अब पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कैबिनेट बैठक में इस जमीन बिक्री और मिल पुनर्वास प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत पुणे बाजार समिति को चालू बाजार भाव पर मिल की 99.27 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति मिली थी।
बाद में विपणन (पणन) विभाग ने महाराष्ट्र कृषि उपज विपणन अधिनियम के तहत इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और सांसद पार्थ पवार ने इस मामले में विशेष रुचि ली। उन्होंने पुणे बाजार समिति और यशवंत शुगर मिल दोनों संस्थाओं के प्रस्तावों को प्रशासनिक बल दिया।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और सांसद पार्थ पवार ने राज्य सरकार के स्तर पर लगी सभी रोक व स्थगितियों को हटाकर सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कीं। उसके बाद बुधवार को पुणे बाजार समिति की ओर से नियुक्त संचालक मंडल के सभापति प्रकाश जगताप, संचालक नानासाहेब आबनावे और गणेश घुले के माध्यम से 49।18 एकड़ जमीन का पहला खरीद विलेख संपन्न हुआ।
मिल के अध्यक्ष सुभाष जगताप, उपाध्यक्ष किशोर उंद्रे और कार्यकारी संचालक कैलाश जरे ने इस भूमि बिक्री को आधिकारिक मान्यता दी है। इस सौदे के तहत मिल ने अपने गट संख्या 36, गट संख्या 2, गट संख्या 37 और गट संख्या 41/1 के अंतर्गत आने वाले भूमि क्षेत्र को पुणे बाजार समिति को बेचा है। इस सफल सौदे के साथ ही पिछले 15 वर्षों में शुगर मिल द्वारा जमीन बेचने के किए गए कुल 12 असफल प्रयासों का दौर अब समाप्त हो गया।
पुणे बाजार समिति के सभापति प्रकाश जगताप ने कहा कि मार्केट यार्ड और मांजरी उप-बाजार में जगह की भारी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस समस्या के समाधान और फिक्स्ड डिपॉजिट में पड़ी राशि के बेहतर उपयोग के लिए संबंधित जमीन की खरीद को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने बताया कि दिवंगत अजीत पवार का मिल को फिर से शुरू करने का सपना था, जिसे आगे बढ़ाने के लिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और सांसद पार्थ पवार का समर्थन मिला। उनके अनुसार पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है।
यशवंत सहकारी शुगर मिल के अध्यक्ष सुभाष जगताप ने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों के लिए मिल का दोबारा शुरू होना एक बड़ा सपना है। उन्होंने बताया कि वित्तीय संकट के कारण मिल लंबे समय से बंद पड़ी थी और पूंजी जुटाने के विभिन्न प्रयास सफल नहीं हो पाए थे। ऐसे में सभासदों की मंजूरी के बाद भूमि बिक्री का निर्णय लिया गया।