Pune News: कृषि से लेकर शिक्षा तक, बारामती का काटेवाड़ी गांव बनेगा तकनीकी विकास का मॉडल
Baramati District के काटेवाड़ी गांव को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़कर राज्य का पहला Smart Intelligent Village बनाया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने हर तहसील में 10 स्मार्ट विलेज विकसित करने की योजना बनायी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
स्मार्ट सिटी (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: बारामती तहसील काटेवाड़ी गांव को आधुनिक तकनीक से जोड़कर महाराष्ट्र का पहला ‘स्मार्ट इंटेलिजेंट विलेज’ के रूप में विकसित करने की अभिनव पहल शुरू की गई है। महाराष्ट्र सरकार की स्मार्ट विलेज योजना के तहत शुरू किया गया है।
इस कार्यक्रम में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र में प्रत्येक तहसील में 10 स्मार्ट विलेज विकसित करने का लक्ष्य है, जिसके पहले चरण में 3500 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। काटेवाड़ी बारामती तहसील का पहला स्मार्ट विलेज होगा।
इस पहल को वॉइस ऑफ इंडियन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंटरप्राइजेज और 24 भारतीय कंपनियों के सहयोग से लागू किया जाएगा। हाई-स्पीड इंटरनेट, स्मार्ट डिवाइस और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से ग्रामीणों का दैनिक जीवन आसान बनेगा। साथ ही, सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसे पर्यावरण-अनुकूल उपायों पर भी जोर दिया जाएगा।
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डिजिटल इंडिया से जुड़ी योजना
यह योजना केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़ी हुई है। काटेवाड़ी में सफल क्रियान्वयन के बाद यह परियोजना राज्य के अन्य गांवों के लिए एक आदर्श बनेगी। योजना के तहत महिलाओं को डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन व्यवसाय के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला प्रशासन और स्थानीय ग्राम पंचायत के सहयोग से लागू होने वाले इस चरण में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अपडेट रह सकें
बारामती गट विकास अधिकारी किशोर माने ने कहा है कि इस योजना की मुख्य चुनौतियां ग्रामीणों में तकनीक की जानकारी की कमी और इंटरनेट कनेक्टिविटी है। इनके समाधान के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अपडेट रह सकें।
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कृषि में तकनीक
किसानों के लिए स्मार्ट सेंसर और ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे मौसम मिट्टी की गुणवत्ता और फसलों की वृद्धि की जानकारी सीधे किसानों के मोबाइल पर मिलेगी। खेती के लिए पानी का कुशल उपयोग और फसल के नुकसान को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सलाह उपलब्ध होगी। इससे उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही, उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे।
