पुरंदर एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण: हक त्यागने के बाद बहनों की दोबारा आपत्तियां होंगी खारिज, जिलाधिकारी सख्त
Pune Airport News: पुरंदर हवाई अड्डा परियोजना के भूमि अधिग्रहण में रोड़ा बनने वाली अनुचित आपत्तियां खारिज होंगी। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने 29 जून को अंतिम सुनवाई के निर्देश दिए।
- Written By: रूपम सिंह
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Purandar Airport Land Acquisition Pune News: प्रस्तावित पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अनावश्यक अड़चनें दूर करने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में बहनों ने पहले स्वेच्छा से अपने भूमि अधिकारों का त्याग पत्र दिया था, लेकिन बाद में दोबारा आपत्तियां दर्ज कराई हैं, उन आपत्तियों को प्रशासन द्वारा खारिज किया जाएगा।
पुरंदर के प्रशासनिक भवन में परियोजना प्रभावित किसानों के साथ आयोजित विशेष बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि समीक्षा के दौरान यह सामने आया है कि कुछ मामलों में अदालत में केवल आठ से दस गुंठा भूमि को लेकर विवाद लंबित है, लेकिन पूरे भूखंड पर आपत्ति दर्ज कर दी गई है। इससे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और किसानों को मुआवजा मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी आपत्तियां प्रक्रिया को लंबा खींचने और किसानों को परेशान करने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती हैं। इसलिए प्रशासन इन मामलों का परीक्षण कर अनुचित आपत्तियों को हटाएगा और पात्र किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
कुपोषण के खिलाफ नागपुर जिला परिषद की महा-मुहिम; अब सरकारी अधिकारी गोद लेंगे कुपोषित बच्चे, खुद रखेंगे हर अपडेट
अकोला-अकोट मार्ग पर दुर्घटना में हुई 2 युवकों की मौत, कलेक्टर को सौंपा निवेदन
पुणे में मानसून से निपटने के बड़े दावे, 260 जलभराव स्थलों पर तैयारी, कई प्री-मानसून काम अब भी अधूरे
नागपुर RPF का ऑपरेशन नार्कोस: गांधीधाम एक्सप्रेस से 42.86 लाख का गांजा जब्त, ओडिशा के 2 तस्कर गिरफ्तार
अब तक 1150 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित
पुणे जिलाधिकारी ने बताया कि पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए अब तक 1150 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। शेष मामलों के त्वरित निपटारे के लिए उपजिलाधिकारी सतीश राउत प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सासवड में उपस्थित रहकर संबंधित पक्षों की सुनवाई करेंगे।
प्रशासन का प्रयास है कि कानूनी विवादों के कारण किसानों का मुआवजा न्यायालय में अटका न रहे। इसके लिए दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर चर्चा कराई जा रही है और सहमति के आधार पर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
यह भी पढ़ें:- पुणे आरटीओ का बड़ा एक्शन, हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए 121 ‘ब्लैक स्पॉट’ का होगा संयुक्त निरीक्षण
अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश विवादित मामलों में संबंधित पक्ष आपसी समझौते के लिए तैयार हो गए हैं। इन मामलों की अंतिम सुनवाई 29 जून को निर्धारित की गई है, जिसके बाद प्रशासन अंतिम निर्णय सुनाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे भूमि अधिग्रहण की शेष प्रक्रिया भी तेजी से पूरी हो सकेगी और बहुप्रतीक्षित पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग और अधिक सुगम होगा।
