अकोला-अकोट मार्ग पर दुर्घटना में हुई 2 युवकों की मौत, कलेक्टर को सौंपा निवेदन
Akola Akot Road Accident: अकोला-अकोट-शेगांव मार्ग के अधूरे निर्माण से हादसे में 2 युवकों की मौत। आक्रोशित शिवसेना (यूबीटी) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई व टोल बंद करने की मांग की।
- Written By: केतकी मोडक
शिवसेना (यूबीटी) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)
Akot Shegaon Highway Accident: अकोला-अकोट तथा अकोट-शेगांव महामार्ग के अधूरे और कथित रूप से निकृष्ट (घटिया) निर्माण कार्य के कारण अंदुरा के समीप हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सड़क के बीच बनी गहरी दरार में मोटरसाइकिल का टायर फंसने के बाद बस की चपेट में आने से श्रीकांत बायस्कर और कुणाल भोरे नामक दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंगलवार को शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी वर्षा मीणा को निवेदन सौंपकर संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
इस दौरान अकोला जिला प्रमुख मुकेश मुरूमकर, दिलीप बोचे, जगन निचल, धीरज शिरसाट, मृतकों के परिजन संतोष बायस्कर, सुदर्शन बायस्कर, अरुण लोणकर, दादाराव सोलुके तथा सोमेश इंगोले, यश चांदूरकर, कुंदन वालशिंगे एवं अथर्व निचल उपस्थित थे। निवेदन सौंपते समय जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी भी की गई।
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2017 से अधूरा है सड़क निर्माण
उप जिला प्रमुख दिलीप बोचे ने निवेदन में आरोप लगाया कि अकोला-अकोट मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य वर्ष 2017 से चल रहा है, लेकिन नौ वर्ष बीतने के बाद भी पूरा नहीं हुआ। निर्माण में गुणवत्ता का अभाव रहा है और खुदाई के बाद सड़क पर काली मिट्टी डाले जाने से जगह-जगह बड़ी दरारें पड़ गई हैं। उन्होंने कहा कि अनुबंध के अनुसार सड़क किनारे पौधारोपण किया जाना था, लेकिन अब तक एक भी पेड़ नहीं लगाया गया है।
टोल वसूली पर भी उठाए सवाल
शिवसेना ने आरोप लगाया कि सड़कें दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं, इसके बावजूद अकोला-अकोट मार्ग तथा निंबा फाटा स्थित अकोट-शेगांव मार्ग पर टोल वसूली जारी है। संगठन ने इसे जनता के साथ अन्याय बताते हुए टोल प्लाजा तत्काल बंद करने की मांग की है।
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निवेदन में पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करना, मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देना, निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करना, टोल प्लाजा हटाना तथा सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत और पौधारोपण सुनिश्चित करना शामिल है।
शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो शिवसेना व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
