

Pune Kalas Drought Water Crisis: पुणे इंदापुर तहसील के कलस क्षेत्र में अभी फरवरी का महीना ही चल रहा है, लेकिन भीषण जल किल्लत की आहट सुनाई देने लगी है। गांव को जलापूर्ति करने वाले कुओं के पास स्थित 'पाझर तालाब' पूरी तरह सूखा गया है।
जलस्तर घटने के कारण स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की नजरें अब केवल खडकवासला नहर से छोड़े जाने वाले पानी (आवर्तन) पर टिकी हैं। इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण क्षेत्र में समय से पहले ही सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
गेहूं, चना, मक्का और गन्ना जैसी प्रमुख फसलें पानी के अभाव में कुम्हलाने लगी हैं। जानवरों के चारे का संकट भी गहराता जा रहा है। किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है, लेकिन बिना सरकारी मदद के स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है।
हर साल अक्टूबर में होने वाली 'नहर सलाहकार समिति की बैठक इस वर्ष चुनावों की गहमागहमी के कारण टलती रही। वर्तमान में, जिले का नेतृत्व करने वाले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के कारण प्रशासन में एक तरह का सन्नाटा और निर्णय प्रक्रिया में सुस्ती देखी जा रही है। शोक की लहर के बीच प्रशासनिक बैठकें अनिश्चित काल के लिए टल गई हैं, जिससे पानी के नियोजन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है।
खडकवासला परियोजना से प्रभावित किसान विजय गावडे ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि सिंचाई विभाग ने इंदापुर तहसील के लिए पानी का उचित प्रबंधन नहीं किया है।
यदि तत्काल नहर से पानी नहीं छोड़ा गया, तो फसलों के साथ-साथ पीने के पानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द नहीं जागा, तो उनके पास सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।