आईटी हब हिंजवड़ी में गहराया पानी का संकट, लोग वॉटर एटीएम पर निर्भर; अनदेखी से फूटा जनता का आक्रोश

Pune Water Crisis: पुणे के आईटी हब हिंजवड़ी और मान क्षेत्र में पेयजल संकट के कारण 90% आबादी निजी वॉटर एटीएम पर निर्भर है, जहाँ शुद्धता के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ जारी है।
Hinjewadi IT hub faces severe water crisis, forcing 90% population to rely on private water ATMs. Unregulated supply raises serious health risks among residents.
पानी का संकट, (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Pune Municipal Corporation Hinjewadi Water Crisis: आईटी नगरी हिंजवड़ी और उससे सटे मान तथा मुलशी क्षेत्र में पीने के पानी का संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। प्रशासनिक तंत्र द्वारा पर्याप्त और शुद्ध पेयजल उपलब्ध न कराए जाने के कारण अब आईटी प्रोफेशनल्स और स्थानीय निवासियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए 'वॉटर एटीएम' का सहारा लेना पड़ रहा है। हालात इतने विकट हो चुके हैं कि मुलशी तहसील के मान, हिंजवड़ी और मारुंजी इलाके की लगभग 90 प्रतिशत से अधिक आबादी आज पूरी तरह से कमर्शियल पानी पर निर्भर हो चुकी है।

स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़

जल संकट की इस स्थिति के कारण क्षेत्र में निजी वॉटर एटीएम का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। जगह-जगह पर धड़ल्ले से निजी वॉटर एटीएम केंद्र खुल गए हैं, लेकिन इन केंद्रों की कार्यप्रणाली ने अब नागरिकों के मन में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या इन वॉटर एटीएम से मिलने वाला पानी वास्तव में शुद्ध और सेहत के लिए सुरक्षित है?

काम तपासणार?

मोटी कमाई का चक्कर अधिकांश केंद्रों पर जल शोधन प्रणाली (प्यूरीफिकेशन सिस्टम) की स्थिति, फिल्टर बदलने की तारीख का रिकॉर्ड, पानी की लैब टेस्टिंग रिपोर्ट या संबंधित सरकारी विभागों की अनुमतियों की कोई भी जानकारी प्रदर्शित नहीं की जाती है। स्थानीय सामाजिक संगठनों का आरोप है कि पानी के ये कारोबारी मोटी कमाई के चक्कर में आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं।

मध्यवर्ती इलाके में मुख्य पाइपलाइन का वाल्व खराब होने से पानी की भारी बर्बादी एक ओर जहां आईटी हब के नागरिकों को बूंद-बूंद शुद्ध पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर के मध्यवर्ती इलाके घोले रोड स्थित संत तुकाराम महाराज पादुका चौक में एक बड़ी लापरवाही सामने आई।

वहां पानी की मुख्य पाइपलाइन का वाल्व खराब होने के कारण करीब 25 हजार लीटर पीने का पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया। शनिवार सुबह छह बजे से लेकर साढ़े आठ बजे तक सड़क पर पानी का तेज बहाव बना रहा। प्रशासन की इस ढिलाई को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं ने मांग की है कि पुणे पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) और संबंधित स्वास्थ्य विभाग को तुरंत हरकत में आना चाहिए और सभी वॉटर एटीएम केंद्रों का औचक निरीक्षण करना चाहिए।।

पानी का अवैध व्यवसाय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

  •  स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वामन गेंगजे

"आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित वॉटर एटीएम और पेयजल आपूर्ति से जुड़े सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की स्वास्थ्य मानकों के अनुसार नियमित और कड़ाई से जांच की जाती है। निरीक्षण के बाद आवश्यक दंडात्मक अथवा सुधारात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित ग्राम पंचायत को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाती है। नागरिकों के स्वास्थ्य और जन-आरोग्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध या नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यवसायों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

  •  पुणे मनपा प्रोजेक्ट सब-इंजीनियर नरेश रायकर

"घोले रोड क्षेत्र में पाइपलाइन का वाल्व अचानक खराब होने के कारण पानी का रिसाव शुरू हो गया था। नागरिकों से शिकायत प्राप्त होते ही हमारी तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया और समस्या का समाधान कर दिया। वर्तमान में रिसाव पूरी तरह बंद हो चुका है तथा जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य और नियंत्रण में है।"

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com