Pune के पूर्व सांसद सुरेश कलमाड़ी का निधन, 82 वर्ष की उम्र में पुणे में ली अंतिम सांस
Suresh Kalmadi: पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का 82 वर्ष की उम्र में पुणे में निधन हो गया। 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन से जुड़े विवादों के कारण वह लंबे समय तक चर्चा में रहे थे।
- Written By: अपूर्वा नायक
सुरेश कलमाड़ी (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Politics News: पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे सुरेश कलमाड़ी का 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर मंगलवार, 6 जनवरी की दोपहर 2 बजे तक उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
इसके बाद शाम के समय उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं और कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।
सम्बंधित ख़बरें
ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए सेना तैयार! आर्मी चीफ द्विवेदी की दोटूक, थिएटराइजेशन रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंपी
कांग्रेस प्रवक्ता मिथुन अहिरवार ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, पूछा- 2 वोटर आईडी कैसे बनीं, जांच की मांग
‘वंदे मातरम’ विवाद पर शिवसेना का कांग्रेस पर हमला, कृष्णा हेगड़े बोले- राष्ट्रीय गीत पर विवाद उचित नहीं
MP Rajya Sabha Election: कांग्रेस आलाकमान का ‘ऑपरेशन अलर्ट’, कमलनाथ-सिंघार के बाद अरुण यादव दिल्ली तलब
लंबा राजनीतिक सफर
सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने पुणे से सांसद के रूप में संसद में प्रतिनिधित्व किया और कई वर्षों तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। खेल प्रशासन और शहरी विकास से जुड़े विभिन्न संगठनों में भी उनका प्रभाव रहा।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 से जुड़ा नाम
सुरेश कलमाड़ी का नाम मुख्य रूप से 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के कारण चर्चा में आया। वह आयोजन समिति के प्रमुख पद पर रहे थे। इस आयोजन के दौरान प्रबंधन, ठेकों के आवंटन और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए थे।
भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों का सामना
कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े मामलों में सुरेश कलमाड़ी पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इन मामलों में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। साथ ही, उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा भी चला, जिसने उनके राजनीतिक जीवन को गहरे रूप से प्रभावित किया।
ये भी पढ़ें :-Pune में ट्रस्ट की जमीन बेचने का मामला गरमाया, 13 मंजिला इमारत और एनसीपी दफ्तर विवादों में
राजनीतिक जगत में शोक
उनके निधन पर कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राजनीतिक मतभेदों से इतर, उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और योगदान को याद किया जा रहा है।
