दीपावली पर Pune-Pimpri में आग ने मचाया तांडव, 35 जगहों पर आग की घटनाएं दर्ज
Pune: दीपावली की रात पटाखों से पुणे व पिंपरी-चिंचवड में 35 जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, जनहानि नहीं हुई, लेकिन संपत्ति का नुकसान हुआ।
- Written By: अपूर्वा नायक
आग का तांडव (सौ. सोशल मीडिया )
Fire Accidents In Pune On Diwali: सोमवार रात दीपावली पर छोड़े गए पटाखों से शहर के अलग-अलग इलाकों में 21 जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुई। वही पिंपरी चिंचवड में पिछले चार दिनों में आग लगने की 14 घटनाएं सामने आई हैं।
शुक्र है कि पुणे और पिंपरी चिंचवड में लगी आग की घटनाओं में सामान का तो नुकसान हुआ है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है। पुणे शहर में लगी आग की घटना में फायर बिग्रेड की तत्परता के कारण तीनों जगहों पर समय राहते आग पर काबू पा लिया गया। किसी के हताहत या घायल होने की कोई खबर सामने नहीं आई है।
पहली घटना फुरसुंगी रोड पर हुई, जहां एक इमारत के दसवें मंजिल की गैलरी में रॉकेट गिरने से परदे में आग लग गई और यह आग धीरे-धीरे घर के अंदर फैलने लगी। आसपास के लोगों ने तुरंत फायर बिग्रेड को इसकी सूचना दी। इसके बाद फायर बिग्रेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर कुछ ही मिनटों में काबू पा लिया गया।
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देखते ही देखते फैल गईं धुआं और लपटें
दूसरी घटना खराड़ी के गेरा सोसायटी परिसर में हुई, जहां पटाखा गिरने से परिसर में घड़ा कचरा आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते धुआं और लपटें फैल गई। नागरिकों ने खुद प्रवास कर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर पूरी तरह आग पर नियंत्रण पा लिया। तीसरी घटना हडपसर रेलमार्ग के पास हुई।
जहां सूखी घास में पटाखे की चिमारी से आग लग गई। हवा के कारण आम तेजी से फैलने लगी, लेकिन दमकल कर्मचारियों ने समय रहते मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया, पुणे मनपा और अग्निशमन दल के अधिकारियों ने अपील की है कि पटाखे छोड़ते समय विशेष सावधानी बरते। ऊंची इमारतों के आसपास रकिट या आतिशबाजी न करे। सुरक्षित जगह पर पटाखे फोड़े और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करें।
बड़ी मात्रा में पटाखे छोड़े जाने के कारण हुई घटनाएं
दीपावली के दौरान बड़ी मात्रा में पटाखों छोड़े जाने के कारण आग लगने की घटनाएं होती हैं। 17 से 20 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक अग्निशमन विभाग के रिकॉर्ड में 14 आग की घटनाएं दर्ज की गई। वहीं, रावेत में बंद पड़े एक फ्लैट में पटाखों के कारण आग लग गई, लेकिन फायर बिग्रेड की तत्परता से बड़ा अनर्थ टल गया।
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पिछले दो वर्षों में दीपावली के दौरान कुल 173 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई। घटनास्थल तक जल्दी पहुंचा जा सके, इसके लिए अग्निशमन विभाग ने माइक्रो प्लानिंग की है। इस वर्ष 17 से 20 अक्टूबर की अवधि में पटाखों से 14 जगहों पर आग को रिपोर्ट मिली है। लक्ष्मी पूजन के दिन आमतौर पर आग की घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए विभाग ने आग बुझाने के 19 फायर टेंडर शहर भर में विभिन्न स्थानों पर तैनात किए थे।
