
दौंड नगर परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया)
Daund Municipal Council Bribery Scandal: पुणे की दौंड नगर परिषद को सुरक्षा रक्षक तथा कुशल-अकुशल मजदूर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी से बिल निकालने के बाद हर महीने रिश्वत मांगना लेखाधिकारी और लिपिक को भारी पड़ गया। रिश्वत मांगने का आरोप साबित होने के बाद आठ महीने बाद मामला दर्ज किया गया है।
लेखाधिकारी भाग्यश्री भालचंद्र येलवे (29, रामदरा, लोणी कालभोर) और क्लर्क ओंकार संजय मेणसे (37, हुडको कॉलोनी, शिरूर) के नाम आरोपी के रूप में सामने आए हैं। शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी की एजेंसी के माध्यम से दौंड नगर परिषद को सुरक्षा रक्षक सहित कुशल और अकुशल मजदूर उपलब्ध कराए जाते थे।
सेवा देने के बाद निकाले गए बिल के “इनाम” के रूप में दौंड नगर परिषद की लेखाधिकारी भाग्यश्री येलवे हर महीने 10 हजार रुपये और क्लर्क ओंकार मेणसे हर महीने 5 हजार रुपये की मांग करते थे।
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इसके अलावा मुख्याधिकारी विजय कालवे ने भी शिकायतकर्ता से उनकी एजेंसी द्वारा दी गई सेवाओं के भुगतान के लिए एक एजेंसी के लिए 25 हजार रुपये और दूसरी एजेंसी के लिए 20 हजार रुपये “इनाम” के रूप में मांगने के साथ ही पूरक आदेश निकालने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। इस संबंध में शिकायत 6 मार्च 2025 को दर्ज कराई गई थी।
शिकायत के आधार पर रिश्वत मांगने की पुष्टि 7 मार्च 2025 और 10 मार्च 2025 को की गई। जांच में पाया गया कि येलवे ने पंचों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से अपने लिए 14 से 15 हजार रुपये और मुख्याधिकारी के लिए 45 हजार रुपये की मांग की थी।






