बुलढाणा अर्बन में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप, तत्कालीन CEO और विभागीय प्रबंधक पर FIR

Buldhana Urban Cooperative Credit Society: बुलढाणा अर्बन क्रेडिट सोसायटी में 34.77 करोड़ रुपये के नुकसान का मामला सामने आया है। तत्कालीन CEO और विभागीय प्रबंधक पर केस दर्ज हुआ।
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बुलढाणा अर्बन का-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी का प्रतीकात्मक चित्र(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Buldhana Urban Financial Irregularities: बुलढाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में कथित वित्तीय अनियमितताओं के चलते 34.77 करोड़ रुपये का नुकसान होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में डेक्कन पुलिस ने सोसायटी के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और विभागीय प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान शिरीष दिनकर देशपांडे (68) और योगिनी योगेश पोकले (44) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, देशपांडे सोसायटी के पश्चिमी विभाग में सीईओ और पोकले विभागीय प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं।

ऑडिट में सामने आईं वित्तीय अनियमितताएं

पुलिस के मुताबिक, बुलढाणा शहर निवासी ऑडिटर मोहन रघुनाथ दलाल (51) की शिकायत के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि कथित अनियमितताएं 1 जनवरी 2018 से 15 दिसंबर 2025 के बीच हुईं। सोसायटी के खातों के ऑडिट के दौरान वित्तीय लेनदेन और प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद दिसंबर 2025 में दोनों अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

फॉरेंसिक ऑडिट के बाद पुलिस में शिकायत

सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद सोसायटी की ओर से मामले की विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक ऑडिट कराया गया। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों और ऑडिट निष्कर्षों के आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों ने अपने पद का कथित रूप से दुरुपयोग किया और सोसायटी के निर्धारित नियमों तथा प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।

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नियमों के विपरीत कर्ज मंजूर करने का आरोप

शिकायत के अनुसार, आरोपियों पर सोसायटी के नियमों के विपरीत कर्ज मंजूर करने का आरोप है। इसके अलावा कथित तौर पर अपने लाभ के लिए शून्य ब्याज दर पर कर्ज लेने का आरोप भी लगाया गया है। पुणे पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस वित्तीय लेनदेन, कर्ज मंजूरी की प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और फॉरेंसिक ऑडिट में सामने आए तथ्यों की पड़ताल करेगी। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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