लाउड साउंड से बीमार मरीजों को दिक्कत, BJP सांसद मेधा कुलकर्णी ने डांडिया रुकवाया
Pune के कोथरूड में बीजेपी की सांसद मेधा कुलकर्णी ने एक डांडिया कार्यक्रम में पहुंचकर गरबा रुकवा दिया। दरअसल, लाउंड स्पीकर की मैक्सिमम लिमिट को पार करने के बाद स्थानीय लोगों की शिकायत पर एक्शन लिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
सांसद मेधा कुलकर्णी (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: नवरात्रि का पर्व पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शहर के कई इलाकों में भव्य गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कोथरूड क्षेत्र के जीत मैदान में एक डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। लेकिन इस कार्यक्रम में बजाए जा रहे लाउड साउंड के कारण आसपास रहने वाले नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ध्वनि का स्तर इतना अधिक था कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को परेशानी होने लगी। लगातार हो रहे ध्वनि प्रदूषण से परेशान नागरिकों ने भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी से शिकायत की।
शिकायत मिलते ही उन्होंने तत्काल पुलिस आयुक्त और स्थानीय पुलिस प्रशासन से संपर्क साधा और कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि जब उन्होंने देखा कि प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है, तो वे स्वयं मौके पर पहुंचीं और कार्यक्रम को बंद करवा दिया।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में महंगाई की तपिश: अब चाय की चुस्की भी हुई महंगी, टपरियों पर 15 रूपए तक पहुंचा एक ग्लास का दाम
आषाढ़ी एकादशी पर पंढरपुर के लिए पुणे से चलेंगी 430 स्पेशल बसें, 23-24 जुलाई को मिलेगी 24 घंटे लगातार सर्विस
बारामती को मिला वर्ल्ड-क्लास रेलवे स्टेशन, 11.40 करोड़ से पुनर्विकास, सुनेत्रा पवार ने PM मोदी का जताया आभार
जेजुरी-बेलसर सड़क हादसे के घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे कलेक्टर, इलाज में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश
इस मौके पर मेधा कुलकर्णी ने कहा कि हर वर्ष इस क्षेत्र में ऐसे आयोजन किए जाते हैं और बार-बार नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण झेलना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम न केवल आवाज की सीमा का उल्लंघन कर रहा था, बल्कि धार्मिक मर्यादाओं की भी अनदेखी की जा रही थी।
ये भी पढ़ें :- बाढ़ से महाराष्ट्र बेजार, पीड़ितों की मदद के लिए मंदिरों ने खोला खजाना, दिए करोड़ों रुपये दान
मनोरंजन और उत्सव दोनों जरूरी
उन्होंने आयोजकों को चेतावनी दी कि मनोरंजन और उत्सव जरूरी हैं, लेकिन यह किसी की सेहत और शांति को नुकसान पहुंचाकर नहीं किया जाना चाहिए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और सांसद के हस्तक्षेप की सराहना की।
