डिजिटल इंडिया का असर: बारामती डाकघरों में डिजिटल क्रांति, QR-UPI से बढ़े लेनदेन; ग्राहकों को राहत
Pune Baramati Post Office: बारामती मंडल के डाकघरों में डायनेमिक QR और UPI से डिजिटल भुगतान तेज़ी से बढ़ रहा है। ग्राहकों को अब नकद की जरूरत नहीं, हर सेवा कैशलेस हो रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune Dynamic QR Code UPI Payments: पुणे भारतीय डाक विभाग द्वारा शुरू की गई ‘डायनेमिक क्यूआर कोड’ और यूपीआई भुगतान सुविधा को बारामती विभाग में ग्राहकों का शानदार समर्थन मिल रहा है। फोन पे, गूगल पे और एसबीआई पीओएस मशीनों के माध्यम से होने वाले डिजिटल लेनदेन में लगातार वृद्धि हो रही है।
बारामती मंडल के डाक अधीक्षक केतन शित्रे ने बताया कि डिजिटल इंडिया पहल के तहत अब डाकघरों में नकद रहित व्यवहार को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।
बड़ी संख्या में किए गए डिजिटल लेनदेन बारामती विभाग के इंदापुर, बारामती, दौंड, पुरंदर, भोर इन पांच तहसीलों में स्थित विभिन्न डाकघरों में दिसंबर और जनवरी के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल लेनदेन दर्ज किए गए, अब ग्राहकों को स्पीड पोस्ट, पार्सल, मनी ऑर्डर, बिल भुगतान और टिकटों की खरीद के लिए नकद राशि ले जाने की आवश्यकता नहीं है।
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इसके अलावा, फ्रैंकिंग मशीन रिचार्ज, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और डाक जीवन बीमा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी क्यूआर कोड स्कैन करके या डेबिट कार्ड का उपयोग करके भुगतान करने की अतिरिक्त सुविधा हर काउंटर पर उपलब्ध कराई गई है।
दस लाख से अधिक राजस्व
राजस्व के आंकड़ों पर गौर करें तो डिजिटल भुगतान की लोकप्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। नवंबर महीने में कुल 4,961 से अधिक डिजिटल लेनदेन हुए, जिससे 3,48,610 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
दिसंबर में यह आंकड़ा और बढ़ गया, जहां 8,643 से अधिक लेनदेन के माध्यम से राजस्व 6,43,586 रुपये तक पहुंच गया। केवल नवंबर और दिसंबर के दो महीनों में ही डिजिटल माध्यम से 10 लाख रुपये से अधिक का राजस्व जमा हुआ है, जबकि पिछली तिमाही में कुल 13 हजार लेनदेन से लगभग 12 लाख रुपये का राजस्व मिला था।
पारदर्शी व्यवस्था को मिला बल
डिजिटल भुगतान की इस सुविधा से ग्राहकों के समय की बचत हो रही है और उन्हें खुले पैसों या नकदी के प्रबंधन की समस्या से निजात मिली है, केतन शित्रे ने विश्वास व्यक्त किया कि आपका मोबाइल ही आपका बटुआ’ की संकल्पना अब धरातल पर उत्तर रही है।
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इससे न केवल काउंटर पर होने वाले व्यवहार सुलभ हुए है। बल्कि भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था को भी बल मिला है। आने वाले समय में डिजिटल लेनदेन का यह साफ और ऊपर जाने की उम्मीद है।
