चिलचिलाती धूप और कामकाजी दिन के बावजूद उत्साहजनक मतदान, पांच स्थानों पर बदली गईं VVPAT मशीनें
Baramati Bypoll 2026: बारामती में शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान। एआरओ स्वप्निल रावड़े ने बताया कि गर्मी के बावजूद लोगों का रिस्पॉन्स अच्छा रहा और तकनीकी खामियों को 5 मिनट में सुधारा गया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
VVPAT मशीनें पेटियों में बंद (सोर्स: सोशल मीडिया)
Election Commission Update: बारामती विधानसभा उपचुनाव (Baramati Bypoll 2026) के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो गई है। सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) स्वप्निल रावड़े ने मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रशासन की कड़ी मेहनत और नागरिकों के सहयोग से चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
गर्मी और कामकाजी दिन की चुनौती को दी मात
इस बार का चुनाव दो बड़ी चुनौतियों के बीच हुआ: भीषण गर्मी और सप्ताह का कार्यदिवस (Week Day)। आमतौर पर कामकाजी दिनों में मतदान प्रतिशत कम रहने की आशंका रहती है, लेकिन बारामती की जनता ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। एआरओ रावड़े ने कहा, “दोपहर की भारी गर्मी के बावजूद, लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह देखा गया। हमने सुबह से ही केंद्रों पर लंबी कतारें देखीं, जो लोकतंत्र के प्रति नागरिकों की अटूट आस्था को दर्शाती हैं।”
तकनीकी पेच और तत्काल समाधान
मतदान के दौरान कुछ केंद्रों पर तकनीकी बाधाएं भी आईं, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी ने इसे समस्या नहीं बनने दिया। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में केवल पांच स्थानों पर VVPAT मशीनों में खराबी की सूचना मिली थी। स्वप्निल रावड़े के अनुसार, इन मशीनों को रिकॉर्ड 5 मिनट के भीतर बदल दिया गया और मतदान प्रक्रिया को फिर से सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया। इससे मतदान की गति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
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VIDEO | Baramati Bypoll: ARO Swapnil Rawade says, “There was peaceful, transparent polling. Despite the heat, it was also a week day, but there was good response from people. There was no law and order situation… We had to change the VVPATs at five places, but they were… pic.twitter.com/epKWy9ijta — Press Trust of India (@PTI_News) April 23, 2026
पारदर्शी और सुरक्षित चुनाव
प्रशासन ने चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी थी। संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। एआरओ ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या चुनावी गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है, जिससे यह चुनाव एक सफल और निष्पक्ष आयोजन बनकर उभरा है।
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बारामती का अगला ‘गढ़पति’ कौन?
मतदान संपन्न होते ही अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बारामती का अगला ‘गढ़पति’ कौन होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के निधन के बाद उपजी सहानुभूति की लहर उनकी पत्नी और महायुति उम्मीदवार सुनेत्रा पवार के पक्ष में निर्णायक साबित हो सकती है। हालांकि, चुनावी मैदान में उतरे अन्य उम्मीदवारों और मतदाताओं की खामोशी ने मुकाबले में सस्पेंस बनाए रखा है। जानकारों का मानना है कि यदि मतदान प्रतिशत में ग्रामीण इलाकों से भारी बढ़ोतरी हुई है, तो यह सुनेत्रा पवार की ऐतिहासिक जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिसे बारामती की जनता अपने ‘दादा’ को एक भावुक श्रद्धांजलि के रूप में देख रही है।
