Baramati Byelection Twist: सुनेत्रा पवार के खिलाफ कौन होगा उम्मीदवार? NCP ने शुरू की कवायद

Sunetra Pawar Baramati Bypoll: सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध विधायक बनाने के लिए NCP ने शुरू की कवायद। सुनील तटकरे करेंगे कांग्रेस और उद्धव ठाकरे से चर्चा। 6 अप्रैल को होगा फैसला।
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Sunetra Pawar (फोटो क्रेडिट-X)
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Baramati Bypoll 2026: महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर अब उनकी पत्नी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।

हालांकि, असली 'ट्विस्ट' चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रतिद्वंद्वी को लेकर है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अब इस सीट को निर्विरोध (Unopposed) जिताने के मिशन में जुट गई है, ताकि पवार परिवार की इस विरासत पर सर्वसम्मति बनी रहे।

एनसीपी का 'मिशन निर्विरोध': तटकरे और पटेल संभालेंगे कमान

एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मंगलवार (24 मार्च) को साफ कर दिया कि पार्टी बारामती उपचुनाव में किसी भी तरह के संघर्ष से बचना चाहती है। इसके लिए वे और प्रफुल्ल पटेल जल्द ही दिल्ली जाकर कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करेंगे। साथ ही, मुंबई में उद्धव ठाकरे (Shiv Sena UBT) से भी इस विषय पर चर्चा की जाएगी। तटकरे का तर्क है कि अजित पवार के असामयिक निधन के कारण उत्पन्न हुई इस स्थिति में मानवीय आधार पर विपक्षी दलों को अपना उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए।

शरद पवार का स्टैंड और कांग्रेस की नाराजगी

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ शरद पवार (NCP-SP) की ओर से आया है। सुप्रिया सुले ने पहले ही घोषणा कर दी है कि शरद पवार गुट सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा। हालांकि, इस फैसले ने महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर ही मतभेद पैदा कर दिए हैं। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि "महाराष्ट्र में उपचुनाव निर्विरोध होने की कोई अनिवार्य परंपरा नहीं है।" कांग्रेस का कहना है कि अगर शरद पवार गुट पीछे हटता है, तो वे अपना उम्मीदवार उतारने पर विचार कर सकते हैं।

6 अप्रैल होगा फैसले का सबसे बड़ा दिन

बारामती उपचुनाव का पूरा गणित 6 अप्रैल को साफ हो जाएगा, जो नामांकन की आखिरी तारीख है। 30 मार्च को आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी। 6 अप्रैल तक नामांकन पर्चे भरे जाएंगे। 9 अप्रैल तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। अगर 6 अप्रैल तक कांग्रेस या शिवसेना (UBT) ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया और शरद पवार गुट तटस्थ रहा, तो सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय हो जाएगा।

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