बारामती: कांग्रेस का बड़ा ‘यू-टर्न’, वापस लिया नामांकन! सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ

Baramati Bypoll 2026: कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लिया। विजय वडेट्टीवार ने कहा- अजित पवार के सम्मान में चुनाव निर्विरोध होने दें।
Baramati Bypoll 2026 Congress Withdrawal
Baramati Bypoll 2026 Congress Withdrawal (फोटो क्रेडिट-X)
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Baramati Bypoll Latest Update: महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि (9 अप्रैल 2026) को कांग्रेस ने एक नाटकीय घटनाक्रम में अपने उम्मीदवार आकाश मोरे का नाम वापस लेने की घोषणा कर दी है। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने 'जनता की भावनाओं' और राजनीतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है।

इस निर्णय के साथ ही उपमुख्यमंत्री और राकांपा (NCP) प्रमुख सुनेत्रा पवार के निर्विरोध विधायक चुने जाने का मार्ग लगभग प्रशस्त हो गया है।

शरद पवार की मध्यस्थता और फडणवीस का फोन

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के इस 'यू-टर्न' के पीछे वरिष्ठ नेता शरद पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शरद पवार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और उनसे अनुरोध किया कि स्वर्गीय अजित पवार के सम्मान में बारामती का यह चुनाव निर्विरोध होना चाहिए।

इसी दौरान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को फोन कर परंपराओं का हवाला दिया। फडणवीस ने अपील की थी कि यदि किसी सीट पर सिटिंग विधायक की मृत्यु होती है, तो वहां चुनाव न लड़ने की स्वस्थ परंपरा को बरकरार रखा जाए।

विजय वडेट्टीवार का आधिकारिक बयान

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने प्रेस से बात करते हुए कहा, "अजित दादा महाराष्ट्र के एक अत्यंत प्रिय नेता थे। चूंकि उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार चुनाव मैदान में हैं, इसलिए हमने सर्वसम्मति से हटने का फैसला किया है। हमने अपने इस निर्णय से पार्टी आलाकमान और दिल्ली नेतृत्व को अवगत करा दिया है।" वडेट्टीवार ने यह भी जोड़ा कि शुरुआत में कांग्रेस ने इसलिए फॉर्म भरा था क्योंकि भाजपा अक्सर ऐसी परंपराओं का पालन नहीं करती है, लेकिन बारामती की भावनाओं को देखते हुए कांग्रेस ने यह कदम उठाया है।

अब सुनेत्रा पवार की राह हुई आसान

बारामती उपचुनाव के लिए कुल 53 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था। कांग्रेस के हटने के बाद अब अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी दबाव बढ़ेगा। 9 अप्रैल को दोपहर 3 बजे नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद यह औपचारिक रूप से साफ हो जाएगा कि सुनेत्रा पवार निर्विरोध चुनी गई हैं या नहीं। हालांकि, कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के हटने से मुकाबला अब लगभग खत्म माना जा रहा है। अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर 23 अप्रैल को मतदान होना था, लेकिन निर्विरोध चुनाव होने की स्थिति में वोटिंग की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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