अजित पवार विमान हादसा: CID जांच में शामिल हुआ नया एंगल, रोहित पवार की Zero FIR से मचेगा हड़कंप?
Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार विमान हादसे की जांच में महाराष्ट्र CID ने बड़ा कदम उठाया है। रोहित पवार द्वारा बेंगलुरु में दर्ज कराई गई जीरो FIR को अब आधिकारिक गवाह के तौर पर शामिल किया जाएगा।
- Written By: आकाश मसने
अजित पवार विमान हादसा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rohit Pawar Zero FIR In Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत से जुड़े विमान हादसे की गुत्थी सुलझाने में अब एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। महाराष्ट्र CID ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच के दायरे को बढ़ाते हुए अब इसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार द्वारा बेंगलुरु में दर्ज कराई गई जीरो एफआईआर को भी शामिल किया जाएगा।
महाराष्ट्र CID अब रोहित पवार द्वारा कर्नाटक के बेंगलुरु में दर्ज जीरो FIR को भी जांच में शामिल करेगी। यह एफआईआर पहले बारामती पुलिस के जरिए सीआईडी तक पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, इसे गवाह के बयान के रूप में दर्ज किया जाएगा। 28 जनवरी को हुए इस हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई थी।
राेहित पवार ने बेंगलुरु में दर्ज कराई थी जीराे FIR
रोहित पवार ने यह जीरो एफआईआर पिछले महीने बेंगलुरु में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(1) के तहत दर्ज कराई थी। यह कदम उन्होंने उस समय उठाया जब उनका आरोप था कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनकी शिकायत के बावजूद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की। बाद में यह जीरो एफआईआर बेंगलुरु से पुणे जिले के बारामती तहसील पुलिस थाने भेजी गई, जहां से इसे आगे की कार्रवाई के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया।
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पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि बेंगलुरु पुलिस से मिले दस्तावेजों को विधिवत सीआईडी को भेजा गया है। इस संबंध में महाराष्ट्र सीआईडी प्रमुख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद ने बताया कि जीरो एफआईआर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 180 के तहत गवाह के बयान के रूप में दर्ज कर जांच में शामिल किया जाएगा। यह धारा जांच के दौरान गवाहों के बयान दर्ज करने से संबंधित है।
28 जनवरी को हुआ था हादसा
गौरतलब है कि 28 जनवरी को एक लियरजेट 45 विमान जो मुंबई से बारामती जा रहा था, बारामती हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद मानक प्रक्रिया के तहत पुणे ग्रामीण पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी, जिसके आधार पर सीआईडी ने अपनी जांच शुरू की।
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इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो भी इस हादसे की अलग से जांच कर रहा है और उसने 28 फरवरी को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट भी सुन दी है। अब जीरो एफआईआर के शामिल होने से जांच में नए फैक्ट्स और पहलुओं के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
