अंजलि दमानिया को पुणे में विवादित जमीन पर जाने से रोक, सामाजिक कार्यकर्ता बोलीं- सच छिपाया जा रहा
Anjali Damania: पुणे की मुंधवा की विवादित सरकारी जमीन मामले में अंजलि दमानिया को निरीक्षण से रोका गया। पार्थ पवार जमीन विवाद मामले को लेकर दमानिया ने अजित पवार के इस्तीफे की मांग की।
- Written By: आकाश मसने
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया (सोर्स: सोशल मीडिया)
Anjali Damania On Parth Pawar Land Case: सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने मंगलवार को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पुणे के मुंधवा स्थित उस विवादित जमीन में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिसे कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कंपनी को अवैध रूप से बेचा गया था। दमानिया ने इसे जमीन घोटाल बताते हुए अजित पवार के इस्तीफे की मांग की है।
अंजलि दमानिया का कहना है कि वह स्वयं स्थल निरीक्षण के लिए पहुंची थीं, लेकिन भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के कर्मचारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें केवल निदेशक से बातचीत करने की सलाह दी, लेकिन निदेशक ने न सिर्फ अनुमति देने से इनकार किया बल्कि उनसे रूखे व्यवहार में बात की।
दमानिया ने कहा कि यह जमीन वैज्ञानिक शोध के लिए बीएसआई को दी गई थी, और वह स्वयं यह देखना चाहती थीं कि आखिर किस तरह का शोध वहां हो रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वे लोग कौन थे, जिन्होंने जमीन वापस करने की मांग करते हुए परिसर में जबरन प्रवेश किया था।
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क्या है पुणे जमीन विवाद?
विवाद तब गहराया जब यह सामने आया कि 40 एकड़ जमीन पार्थ पवार की कंपनी अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी को 300 करोड़ रुपये में बेचने की प्रक्रिया चल रही थी, जबकि वह जमीन सरकारी थी। इसके अलावा कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी में छूट भी दी गई थी, जिसने मामले को और संदेहास्पद बना दिया।
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सौदे पर कार्रवाई, लेकिन पार्थ पवा़र पर नहीं मामला
विवाद बढ़ने पर इस सौदे से जुड़े एक साझेदार, एक सरकारी अधिकारी और कुछ अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया। हालांकि, पार्थ पवार के खिलाफ कोई FIR नहीं हुई। बढ़ते दबाव के बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने घोषणा की कि यह सौदा रद्द कर दिया जाएगा। विवाद के बढ़ते राजनीतिक तापमान के बीच दमानिया का आरोप और प्रवेश रोकने की घटना ने मामले को और तूल दे दिया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
