अजित पवार और सुप्रिया सुले (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार ने पार्टी एकजुटता, गठबंधन और प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि जब भी दोनों एनसीपी के साथ आने जैसी स्थिति बनती है, तो मीडिया अलग-अलग मुद्दे निकालने लगता है। उन्होंने साफ किया कि अब तक इस टॉपिक पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
पवार ने बताया कि पुणे के कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि दोनों एनसीपी साथ आती हैं, तो राजनीतिक रूप से इसका फायदा होगा और वोटों का बंटवारा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि इसी संदर्भ में उन्होंने सुप्रिया सुले और शशिकांत शिंदे से फोन पर बात की थी, और दोनों की ओर से पॉज़िटिव रिस्पॉन्स मिला था। उन्होंने यह भी कहा कि शरद पवार के पार्टी एनसीपी (एसपी) के कुछ विधायक और सांसद उनसे मिलने आते हैं और कहते हैं कि अब साथ आ जाना चाहिए, क्योंकि उन्हें फंड नहीं मिल पा रहे हैं।
पहले ऐसा नहीं था। विपक्ष में बैठकर भी काम हो जाते थे, लेकिन अब स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि लगातार पांच-पांच साल विपक्ष में बैठने के बाद लोग परेशान हो जाते हैं। हालांकि, अजित ने साफ किया कि दोनों एनसीपी के साथ आने को लेकर अभी तक कोई अंतिम चर्चा नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य के 29 नगर निगमों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं। कहीं कोई पार्टी एआईएमआईएम के साथ गई है, तो कहीं किसी और दल के साथ गठबंधन किया गया है।
बीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर अजित ने कहा कि उन्होंने भी अपने नाम को लेकर चर्चाएं सुनी है। लेकिन उन्होंने बीजेपी की राज्य और केंद्रीय हाईकमान से इस विषय पर बात कर ली है। इसलिए अन्य नेताओं की बातों को वह ज्यादा महत्व नहीं देते।
भ्रष्टाचार के मामलों में एनसीपी मंत्री के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में होने के कारण माणिकराव कोकाटे ने इस्तीफा दिया, वहीं धनंजय मुंडे के मामले में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जांच बैठाई है, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर बोलते हुए अजित पवार ने कहा कि 1999 से राज्य में अलग-अलग तरह की सरकारें और गठबंधन बनते रहे हैं। घोषणापत्र को लेकर उन्होंने कहा कि जून 2026 तक की समयसीमा तय की गई है और एक-एक काम पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं को बंद करने की कोई मंशा नहीं है और फिलहाल गठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ने की योजना है।
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राकांपा (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने राज्य में सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही ठाणे को एक सभ्य शहर के रूप में पेश किया जा रहा हो, लेकिन पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और अन्य समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई है।
नगर निकाय चुनावों से पहले शनिवार को सकांपा शरद गुट और शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सुले ने ठाणे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि मंजूर किए जाने के सरकारी दावों पर सवाल उठाए।
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इस मौके पर राकांपा (एसपी) के विधायक जितेंद्र आव्हाड, पार्टी की ठाणे शहर इकाई के अध्यक्ष मनोज प्रधान, अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद थे। सुले ने कहा कि ठाणे कभी एक छोटा शहर था, लेकिन राज्य और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां बेहतर जीवन और विकास की उम्मीद लेकर आए, मगर आज उनकी उम्मीदें निराशा में बदल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाणे को सभ्य शहर बताया जाता है, लेकिन पानी, कूड़ाघरों की कमी, तथा शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अब भी हल नहीं हो पाई है।