पिंपरी में 1.30 करोड़ की धोखाधड़ी, पढ़ें विस्तार में
- Written By: संतोष मिश्रा
प्रतीकात्मक तस्वीर
पिंपरी : भागीदारी (Partnership) में 1.30 करोड़ रूपये लेकर एक भागीदार से अलग-अलग कागजात पर हस्ताक्षर करवाकर प्रोजेक्ट की दुकानें बेचने के बाद भी भागीदार को कोई नफा न देकर उसके साथ धोखाधड़ी (Fraud) की गई। 22 जुलाई 2016 से 18 फरवरी 2022 के बीच किवले देहरोड में यह घटना घटी। इस मामले में तीन आरोपियों (Three Accused) को देहुरोड पुलिस ने गिरफ्तार (Arrested) किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम संदीप दिनदयाल अग्रवाल, सचिन दिनदयाल अग्रवाल, सुमित दिनदयाल अग्रवाल हैं। उनके साथ कपिल सतपाल अग्रवाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में रोहीदास शामराव तरस (43, निवासी किवले, हवेली, पुणे) ने देहुरोड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
इस घटना को लेकर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने किवले में सर्वे नंबर 11/3/1 की जमीन विकसन के लिए श्री साई रियालिटी, श्री साई इन्फोटेक, श्री साई बिल्डटेक नामक भागीदारी संस्था बनाई। इसमें वादी रोहिदास को भागीदार के तौर पर शामिल कर उनसे एक करोड़ 30 लाख रुपए लिए। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि, आरोपियों ने आपस में मिली भगत कर शुरू से ही उन्हें फंसाने की साजिश रची थी और उनसे फर्जी कागजातों के साथ ही डीड ऑफ रिटायरमेंट पर भी हस्ताक्षर लिए। आरोपियों ने प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उसके फ्लैट और दुकानें बेच दी और करीबन चार करोड़ रुपए का नफा वादी रोहिदास को नहीं दिया। उनका विश्वासघात कर फर्जी कागजात बनाये और उनसे धोखाधड़ी की। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। देहुरोड पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
