जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के पंजीकरण काम हुआ ठप, परेशान हो रही जनता, मनपा कर रही सहयोग की अपील
व्यक्ति के पहचान का आधार जो उसके जन्म पर बनाया जाता है और मृत्यु के समय उसका समय निर्धारित करता है। ये बनाना हर व्यक्ति के लिए जरुरी है जिसमें अब विलंब हो रहा है। इस विलंब से लोग परेशान हो रहे है और शिकायतें कर रहे है।
- Written By: प्रिया जैस
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
पुणे: व्यक्ति के पहचान का आधार जो उसके जन्म पर बनाया जाता है और मृत्यु के समय उसका समय निर्धारित करता है। ये बनाना हर व्यक्ति के लिए जरुरी है जिसमें अब विलंब हो रहा है। इस विलंब से लोग परेशान हो रहे है और शिकायतें कर रहे है। अबजन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के पंजीकरण की व्यवस्था ठप पड़ गई है।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के पंजीकरण के साथ ही प्रमाणपत्रों के वितरण के लिए कंप्यूटर सिस्टम में लगातार तकनीकी खराबी आ रही है। ऐसे में मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सहयोग करने की अपील की है। पिछले कुछ समय से निर्धारित समय के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने में दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही प्रशासन ने खुलासा किया है कि यह काम केंद्र सरकार की व्यवस्था के मुताबिक चल रहा है और इसकी शिकायत संबंधित विभाग से की गई है।
2024 में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किया बदलाव
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कार्यालय के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण का कार्य मार्च 2019 से केंद्र सरकार द्वारा विकसित सीआरएस सिविल पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से 15 क्षेत्रीय कार्यालयों के स्तर पर उप रजिस्ट्रार एवं क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से किया जाता है।
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केंद्र सरकार ने जून 2024 से इस रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बदलाव कर दिया है। इसके बाद से, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र केवल संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के उप रजिस्ट्रार और क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय द्वारा जारी किए जाते हैं।
सिस्टम में आ रही परेशानी
साथ ही यह व्यवस्था पूरे देश के लिए एक समान है। इसलिए, इस्तेमाल किए जानेवाले कंप्यूटर सिस्टम के बंद होने, धीमी गति से चलने और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड के कंप्यूटरीकरण में फिलहाल देरी हो रही है।
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परिणामस्वरूप, मनपा ने जिला रजिस्ट्रार, उप मुख्य रजिस्ट्रार, महाराष्ट्र राज्य, साथ ही केंद्र सरकार नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) से भी शिकायत की है। हालांकि, इसके बाद भी अब तक व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है, जिससे प्रमाण पत्र मिलने में देरी हो रही है, ऐसा मनपा की ओर से कहा जा रहा है।
