नासिक के शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी, कई मंदिरों में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
- Written By: अमन दुबे
नासिक : भगवान ब्रह्मा-विष्णु-महेश की आराधना का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। नासिक (Nashik) का त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र (Trimbakeshwar Area) ब्रहमा-विष्णु-महेश की संयुक्त आराधना स्थल है, इसके अलावा नासिक शहर में श्री कपालेश्वर महादेव मंदिर के साथ सोमेश्वर महादेव देवस्थान, सोमेश्वर महादेव मंदिर। नारोशंकर के अलावा वेद मंदिर स्फटिक के शिवलिंग का विशेष महत्व है। इस मंदिरों के अलावा पाथर्डी के समर्थ नगर में स्थित श्री रामेश्वर शिंदे मंदिर में शिवरात्रि के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
श्री कपालेश्वर देवस्थान
पंचवटी क्षेत्र में स्थित श्री कपालेश्वर देवस्थान की ओर से महाशिवरात्रि की तैयारी को लेकर देवस्थान के कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में कोरोना काल के बाद पहली बार बड़े पैमाने पर हो रहे यात्रोत्सव को लेकर चर्चा हुई। महाशिवरात्रि के मौके पर गोदावरी नदी तट पर स्थित कपालेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरु हो जाता है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भक्तों ने महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव का दर्शन करने तथा व्रत रखने का संकल्प लिया है। वर्तमान में मंदिर के कुछ हिस्से का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है, ऐसी जानकारी मंदिर के ट्रस्टी एड. भाऊसाहेब गंभीरे ने दी।
मंदिर में आकर्षक लाइटिंग
महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर से पांच किलोमीटर दूर स्थित सोमेश्वर महादेव देवस्थानम की भी योजना है। दर्शनारंग, खिलौने, फूड स्टॉल आदि के साथ वाहन पार्किंग को लेकर भी चर्चा हुई। मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर पाटिल के नेतृत्व में नए न्यासी मंडल का गठन पिछले दिनों किया गया है। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर को आकर्षक विद्युत रोशनी के साथ ही फूल मालाओं से सजाया जाएगा।
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श्री रामेश्वर महादेव मंदिर
महाशिवरात्रि के पावन मौके पर श्री रामेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से भव्य महाशिवरात्र उत्सव का आयोजन किया गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष उगले ने बताया कि शनिवार 18 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर सुबह छह बजे अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक के पश्चात सुबह 7 बजे महाआरती की जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी को ही श्री अमरनाथ मंदिर स्थित बाबा बर्फानी की प्रतिकृति भी बनाई जाएगी। जिसे सुबह 10 से रात 10 बजे लोगों को देखने के लिए खुला रखा जाएगा। ट्रस्ट के सचिव आकाश रसाल ने बताया कि शिवरात्रि के दिन शाम सात बजे से रात 10 भजन कार्यक्रम होगा। सचिव ने बताया कि 19 फरवरी को शिवजन्मोत्सव के मौके पर सुबह 6 से 9 बजे तक रूद्र अभिषेक किया जाएगा। सचिव ने यह भी जानकारी दी कि 19 फरवरी को एक किताब एक मुस्कान नामक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए आयोजित किया जाएगा।
गोरख सराफ, प्रणव विधाते, भागवत लहाने, गणेश बोरसे के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले इस आयोजन में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की गई है। पाथर्डी क्षेत्र में स्थित श्री रामेश्वर शिवमंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 2003 में किया गया। इस मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य में स्थानीय नागरिक रामकृष्ण मावलकर का अहम योगदान रहा है। ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में युवाओं की सक्रियता बहुत ज्यादा है।
मंदिर में हर वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिक इस पर्व को मनाने में अपनी-अपनी तरह से सहयोग देते हैं। ट्रस्ट की ओर से आयोजित किए जाने वाले एक किताब एक मुस्कान कार्यक्रम की सभी की ओर से प्रशंसा की जा रही है। पहले कभी बहुत कम छोटे स्तर पर मनाया जाने वाला एक किताब एक मुस्कान कार्यक्रम इतना लोकप्रिय हो गया है कि हर वर्ष महाशिवरात्रि का कार्यक्रम तय करते समय सबसे पहले इसी कार्यक्रम के बारे में विचार-विमर्श किया जाता है। – हरीश चौबे, सामाजिक कार्यकर्ता, नासिक।
नारोशंकर मंदिर
गोदावरी क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में भी महाशिवरात्रि के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का दर्शन अच्छी तरह से हो, इसके लिए अधिकांश भक्तों ने सुबह ही इस मंदिर में जाकर पूजा करने की तैयारी की है। चूंकि यह मंदिर गोदावरी नदी के तट पर है, इसलिए कुछ भक्तों ने नदी में स्नान करने के बाद भगवान शिव की आराधना की तैयारी की है। अवकाश का दिन होने के कारण महाशिवरात्रि के मौके पर इस मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है।
वेद मंदिर
महाशिवरात्रि के मौके पर शहर के तिड़के कालोनी में स्थित वेद मंदिर के स्फटिक शिवलिंग के दर्शन करने वालों की भीड़ उमडती है। इस मंदिर में स्थापित किया गया शिवलिंग स्फटिक का बना हुआ है। तिड़के कालोनी समेत वेद मंदिर परिसर में रहने वाले लोग इसी शिवलिंग का दर्शन कर उसकी पूजा आराधना करते हैं।
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
महाशिवरात्रि के दिन शनिवार 18 फरवरी को सुबह चार बजे से रात नौ बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा। श्री त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट ने भीड़ को देखते हुए एहतियात के तौर पर गर्भगृह दर्शन बंद रखने का फैसला किया है। ट्रस्ट की ओर से गायत्री मंदिर के समीप श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। गर्भगृह, सभा भवन, उत्तर प्रवेश द्वार और पूर्व मुख्य द्वार आदि स्थानों पर पुष्पांजलि की जाएगी। दोनों ओर से वीणा दर्शन मंडप से श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं को पीने का साफ पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा। अत्यावश्यक दर्शन चाहने वाले भक्तों के लिए दिन भर दान दर्शन जारी रहेगा। दान दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं से युक्त दर्शन मंडप तैयार किया गया है, इसके अलावा महाशिवरात्रि के मौके पर ट्रस्ट तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
