PCMC आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी का कड़ा रुख: भामा आसखेड के लिए नया टेंडर और अवैध निर्माण पर सीधी कार्रवाई
Pimpri Chinchwad Water Crisis News: PCMC के नए आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने पदभार संभालते ही जल संकट और अवैध निर्माण पर कड़ा रुख अपनाया भामा आसखेड परियोजना को 7 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- Written By: रूपम सिंह
Vijay Suryavanshi (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad Illegal Construction News: पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका के नवनियुक्त आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने पदभार ग्रहण करते ही शहर की ज्वलंत समस्याओं और भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर अपना विजन स्पष्ट कर दिया है। शहर के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे, यानी पानी संकट पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में जल समस्या गंभीर है और बढ़ती आबादी को देखते हुए अगले 25 वर्षों की दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है।
ठेकेदार को बदला गया
उन्होंने कहा कि भामा आसखेड पाइपलाइन के काम में बाधा बन रहे ठेकेदार को हटा दिया गया है और शेष कार्य के लिए जल्द ही नई निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू होगी। आयुक्त के अनुसार, इस परियोजना के अगले सात महीनों में पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद शहरवासियों को रोजाना जलापूर्ति सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। फिलहाल निघोजे बंधारे से लिए जा रहे दूषित जल की समस्या को दूर करने के लिए आंद्रा, ठोकरवाड़ी और मुळशी बांधों से पानी लाने के स्थायी विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें:- पवना नदी प्रदूषण संकट: पिंपरी-चिंचवड़ की 146 सोसायटियों के STP बंद, कनेक्शन काटने की चेतावनी
सम्बंधित ख़बरें
आईटी हब हिंजवड़ी में गहराया पानी का संकट, लोग वॉटर एटीएम पर निर्भर; अनदेखी से फूटा जनता का आक्रोश
पुणे में One Journey One Ticket सिस्टम की तैयारी, एक टिकट से कर सकेंगे मेट्रो और PMPML बस का सफर
Pune Metro Line 3 का सफर जुलाई से होगा शुरू, हिंजवडी से शिवाजीनगर की दूरी अब सिर्फ 45 मिनट में होगी पूरी
Pimpri Chinchwad Water Crisis: पवना डैम में बचा सिर्फ 19% पानी, मनपा ने शहर में की 15% पानी की कटौती
नया अवैध निर्माण हुआ तो की जाएगी दंडात्मक कार्रवाई
शहर में तेजी से बढ़ते अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए डॉ. सूर्यवंशी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में एक भी नया अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण पाया गया, तो सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 5% की वार्षिक विकास दर और प्रति वर्ष लगभग डेढ़ लाख बढ़ती आबादी के कारण बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव है। वर्तमान में लगभग 38 लाख की जनसंख्या को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सीवरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिसके तहत 1000 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाने का लक्ष्य है।
