महाराष्ट्र में खेती के सीजन के बीच डीजल की भारी किल्लत, परभणी में कालाबाजारी का आरोप; भड़के किसान
Maharashtra Diesel Shortage: महाराष्ट्र के परभणी में खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच डीजल की भारी किल्लत हो गई है। किसानों का आरोप है कि पेट्रोल पंप पर डीजल की कालाबाजारी की जा रही है।
- Written By: आकाश मसने
पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए कतार में लगे किसान (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Farmers Fuel Crisis: महाराष्ट्र में भीषण गर्मी के बीच खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसानों के सामने एक नया और गंभीर संकट आ खड़ा हुआ है। परभणी के चारठाणा स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल की भारी कमी देखी जा रही है। डीजल लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई किसानों को खालीं हाथ लौटना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, किसानों ने पंप कर्मचारियों पर ‘चेहरा देखकर’ और अतिरिक्त पैसे लेकर डीजल देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस स्थिति से गांव में कृत्रिम डीवाल संकट पैदा होने और किसानों के साथ अन्याय होने का आरोप भी लगाया जा रहा है।
कैन और ड्रम लेकर भटकते किसान
ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों के लिए डीजल न मिलने से किसान मोटरसाइकिल पर कैन और ड्रम लेकर पंप के चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जो लोग या बिचौलिए अधिक पैसे दे रहे हैं, उन्हें 200-200 लीटर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी डीजल को बाद में गांव में 150 से 200 रुपये प्रति लीटर की दर से अवैध रूप से बेचा जा रहा है। इससे आम किसानों में भारी नाराजगी फैल गई है।
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किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका
स्थानीय किसानों का कहना है कि समय पर बारिश से पहले खेती की तैयारी पूरी करना जरूरी है। यदि समय पर डीजल नहीं मिला, तो खरीफ सीजन की तैयारी बाधित हो जाएगी और किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
परभणी के जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग इस गंभीर स्थिति को देखते हुए संबंधित तेल कंपनियों से चारठाणा क्षेत्र में डीजल आपूर्ति तुरंत सामान्य करने की मांग की जा रही है। साथ ही, परभणी के जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर कालाबाजारी रोकने और किसानों को बिना देरी डीजल उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
मानवत में डीजल को लेकर मारपीट
परभणी जिले के मानवत में एक पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए नागरिकों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। मानवत तालुका के रूढ़ी पाटी क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए लंबी कतार लगी हुई थी। इसी दौरान दो समूहों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने डीजल के लिए लाए गए डिब्बों और कंटेनरों से एक-दूसरे पर हमला किया।
रोहित पवार ने सरकार पर साधा निशाना
वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ईंधन संकट, महंगाई और अन्य मुद्दों के बीच सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने रोमन सम्राट नीरो का उदाहरण देते हुए कहा कि “रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था”, जो मौजूदा स्थिति पर लागू होता है। फिलहाल इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी रखने की बात कही है।
घंटों लाइन में लग रहे लोग
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि मानवत में डीजल के लिए लोगों के बीच मारपीट होना क्या ‘भाजपा के अच्छे दिन’ हैं? उन्होंने कहा कि आम लोग धूप में घंटों लाइन में लगकर ईंधन लेने को मजबूर हैं, जबकि सरकार केवल प्रचार और इवेंटबाजी में व्यस्त है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राज्य में ईंधन की कमी न होने के दावे के विपरीत जमीनी हकीकत अलग है।
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विजय वडेट्टीवार के अनुसार कई जिलों में किसान डीजल के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। वडेट्टीवार ने चेतावनी दी कि यदि समय पर खेती और बुवाई के काम नहीं हुए तो इसका असर उत्पादन और महंगाई पर पड़ेगा, जिससे राज्य और देश दोनों प्रभावित होंगे।
