Vaitarna Safale Railway Track Danger: पालघर जिले के वैतरणा और सफाले रेलवे स्टेशनों के बीच खाड़ी में स्थित वाढीव (गजदिवे) गांव के 4,000 से अधिक ग्रामीण आज भी अपनी जान जोखिम में डालकर जीने को मजबूर हैं। आजादी के 80 साल बीत जाने के बाद भी इस द्वीप-गांव को जोड़ने के लिए एक पक्की व सुरक्षित सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
रोजाना स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए चालू रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि इस खतरनाक रास्ते के कारण अब तक ट्रेन की चपेट में आने से 22 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
जबकि समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण 20 अन्य लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में दिल का दौरा पड़ने पर स्थानीय निवासी विशाल पाटील को ग्रामीणों ने कपड़े की झोली में लादकर रेलवे ट्रैक के रास्ते अस्पताल पहुंचाया था।
सोशल मीडिया पर गांव के बच्चों का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रधानमंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से सड़क निर्माण की गुहार लगा रहे हैं। प्रशासनिक उपेक्षा से परेशान ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें कागजी आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर पक्की और स्थायी सड़क चाहिए, ताकि उनका और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
बोईसर के विधायक विलास तरे ने कहा कि उन्होंने वाढीव गांव की सड़क समस्या को लेकर प्रशासन को तीन बार पत्र लिखा है और विधानसभा में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि जब तक ग्रामीणों को पक्की सड़क नहीं मिल जाती, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
स्कूली बच्चों ने अपनी अपील में कहा कि वे रोज मौत के साए में पढ़ाई करने जाते हैं। किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं होता। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द सुरक्षित सड़क और बेहतर संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराए।