Vasai Virar में 26 करोड़ के प्रोजेक्ट पर ‘क्रेडिट वॉर’, दो बार हुआ उद्घाटन
Vasai Virar में 26 करोड़ के सड़क और सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। दो बार उद्घाटन और कम बोली वाले ठेकेदार पर गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई विरार मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar Road Sewer Project: वसई-विरार महापालिका के वार्ड ‘जी’ में विकास कार्यों को लेकर घमासान छिड़ गया है। भोइदापाड़ा राजावली से नायगांव ईस्ट तक बनने वाली सड़क और सीवरेज लाइन परियोजना ने प्रशासन से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है।
मामला न केवल ‘क्रेडिट वॉर’ का है, बल्कि 26 करोड़ के प्रोजेक्ट को महज 20.42 करोड़ में हथियाने वाले ठेकेदार की कार्यक्षमता पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। वसई विरार में विकास का श्रेय लेने की होड़ इस कदर है कि एक ही प्रोजेक्ट का दो बार उद्घाटन हुआ।
Vasai Virar में 2 बार हुआ भूमिपूजन
पहले भाजपा विधायक स्नेहा दुबे पंडित और विधायक विलास तरे ने भूमिपूजन किया। अभी इसकी चर्चा शांत भी नहीं हुई थी कि बहुजन विकास अघाड़ी के महापौर अजीव पाटिल और प्रवीण शेट्टी और इनके नगरसेवकों ने भी उसी स्थान पर उदघाटन कर अपनी दावेदारी ठोक दी। दोनों पक्ष इसे अपनी उपलब्धि बता रहे हैं, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। सबसे बड़ा विवाद टेंडर की राशि को लेकर है।
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ठेकेदार ने बोली लगाकर सबको चौंका दिया
- आधिकारिक अनुमान के मुताबिक इस काम की लागत 26.07 करोड़ थी, लेकिन ठेकेदार ने 20.79% कम (यानी 20.42 करोड़) की बोली लगाकर सबको चौंका दिया।
- भाजपा नगरसेवक नीलेश चौधरी और महेश सरवंकर ने स्थायी समिति में सवाल उठाया कि जब निर्माण सामग्री की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो कोई ठेकेदार 21% कम दाम पर गुणवत्तापूर्ण काम कैसे कर सकता है?
अतिरिक्त भुगतान पर पेंच
Vasai Virar में नगरसेवकों ने मांग की है कि ‘एक्स्ट्रा वर्क’ के नाम पर बाद में ठेकेदार को एक भी रुपया अधिक नहीं दिया जाना चाहिए। नगरसेवक प्रज्ञा पाटिल ने प्रशासन को आगाह किया कि अक्सर कम दर पर टेंडर लेने के बाद ठेकेदार बाद में बिल बढ़ाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं, जैसा पहले भी हो चुका है।
6 महीने का अल्टीमेटम, विधायक की चेतावनी
टेंडर प्रक्रिया नवंबर 2025 में पूरी हुई थी और अप्रैल 2026 में एग्रीमेंट साइन हुआ। ठेकेदार को 6 महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। चूंकि यह काम बेहद कम दर पर लिया गया है, इसलिए इसकी गुणवत्ता पर संदेह होना लाजिमी है। हमारी टीम काम के हर चरण की निगरानी करेगी। अगर मानकों से समझौता हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
– स्नेहा दुबे पंडित, विधायक
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‘विकास की राह में पक्ष-विपक्ष का भेद मिटाकर हमें साथ चलना होगा। जनहित में एकजुट होकर कार्य करना ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। बीते पांच वर्षों में अप्पा ने जिस विश्वास के साथ हर परिस्थिति में विकास का संकल्प लिया था, हम उसे सिद्ध कर रहे हैं। महासभा से लेकर स्टैंडिंग कमेटी तक, हमने हर विकास कार्य को गति देने का आश्वासन दिया है। उप-महापौर के रूप में जनहित के कार्यों को स्वीकृति देना कोई उपकार नहीं, बल्कि जनता के प्रति हमारी नैतिक जवाबदारी है, क्योंकि आपका विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।
– अजीव पाटिल, महापौर, वसई विरार शहर
